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नोएडा अटेंशन, गाजियाबाद में टेंशन

लंबा समय हो गया, मुख्यमंत्री मायावती गाजियाबाद के हाल-चाल जानने नहीं आई हैं। 12 नवंबर को सीएम का प्रोग्राम तो नोएडा विजिट का है, मगर धड़कनें गाजियाबाद के अफसरों की भी बढ़ गई हैं। दरअसल, यहां के प्रशासन की चिंता गन्ना किसानों का गुस्सा है, जिन्होंने एक दिन पहले ही सब कुछ जाम करके अपने तेवर और ताकत दिखाई है। इस डर से कि वेस्ट यूपी के रालोद और किसान नेता मुख्यमंत्री के नोएडा आने के समय उधर का रुख न कर दें, इस आशंका से सबकी निगरानी शुरू करा दी गई है।

मुख्यमंत्री के नोएडा कार्यक्रम को देखते हुए गाजियाबाद के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों में जुटे दिखाई दे रहे हैं। लगातार बैठकें की जा रही हैं और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अफसर इस बारे में खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं मगर यह जरूर कह रहे हैं कि पड़ोस में मुख्यमंत्री का दौरा टेंशन तो पैदा कर ही रहा है।

दरअसल, पर्याप्त मूल्य नहीं दिए जाने को लेकर बेस्ट यूपी के गन्ना किसान आंदोलन की राह पर हैं। सोमवार को मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, मोदीनगर, हापुड़, गढ़ में जिस तरह से रालोद कार्यकर्ताओं के साथ गन्ना किसानों ने उग्र प्रदर्शन किया, सड़कें जाम कीं, रेलवे के पहिए भी जाम किए, उससे आला अफसर खासे टेंशन में हैं। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित नोएडा कार्यक्रम के बीच ऐसी खबरें भी अफसरों तक पहुंच रही हैं कि इधर के गन्ना किसान रालोद नेताओं के साथ वहां जाकर काले झंडे दिखा सकते हैं। अफसर जानते हैं कि ऐसा हुआ तो सब पर संकट आ जाएगा। इसलिए, पहले से ही अपने इंतजाम करने में लगे हैं।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, गन्ना किसानों और रालोद नेताओं की निगरानी में इंटेलीजेंस के साथ पुलिस को भी जुटाया जा रहा है। 12 नवंबर को जब मुख्यमंत्री नोएडा आएंगी तो इधर खासी सतर्कता बरती जाएगी। पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट भी राउंड पर रहेंगे। वैसे भी, हाल में मुख्यमंत्री को धमकी मिलने के बाद पुलिस और इंटेलीजेंस को कहीं ज्यादा सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। नोएडा का पूरा अमला तो अटेंशन की मुद्रा में है ही, टेंशन गाजियाबाद में ही भी कम नहीं हैं।

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  • Web Title:नोएडा अटेंशन, गाजियाबाद में टेंशन