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सम्मान बचाने उतरेगी टीम इंडिया

सम्मान बचाने उतरेगी टीम इंडिया

सीरीज से पहले खिताब की दावेदार लेकिन जब सीरीज समाप्त हो रहा तो साख बचाने की लड़ाई। मुंबई में बुधवार को आस्ट्रेलिया के खिलाफ सातवें और अंतिम वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में टीम इंडिया के सामने कुछ ऐसी ही स्थिति होगी।

मुंबई में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व वाली टीम इंडिया के समक्ष इस मैच में नाक और साख दोनों ही बचाने की लड़ाई होगी। क्योंकि भारत सीरीज तो पहले ही 2-4 से हार चुका है अब ऐसे में उसके पास अंतिम मैच जीतकर हार के अंतर को कम करने की चुनौती होगी।

कहां तो सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया को चोटों से जूझ रही आस्ट्रेलियाई टीम पर इक्कीस माना जा रहा था, लेकिन जैसे-जैसे सीरीज आगे बढ़ी भारतीय टीम धाराशायी होती गई और चोटिल कंगारू टीम ने मेजबान टीम को पटखनी देकर अपना डंका बजा दिया। घरेलू जमीन पर शेर कहे जाने वाले टीम इंडिया को ऐसी मात मिली जिसे वह कभी सपने में भी याद नहीं करना चाहेगी। जाहिर तौर पर धोनी इस हार के दंश को मुंबई में होने वाला अंतिम वनडे जीतकर कम करने की कोशिश करेंगे।

इस सीरीज में टीम इंडिया की सबसे मजबूत कड़ी यानी बल्लेबाजी ही पूरी सीरीज में बिखरी-बिखरी नजर आई। कोई भी बल्लेबाज निरंतरता के साथ नहीं खेल पाया। ऐसे में धोनी के लिए इस मैच में अपने बल्लेबाजों से कंगारूओं के खिलाफ एक बेहतर प्रदर्शन की आस होगी। क्योंकि धोनी नहीं चाहेंगे मास्टर ब्लास्टर सचिन रमेश तेंदुलकर के गृह मैदान मुंबई में भारत को एक और हार झेलनी पड़े।

टीम इंडिया को डी वाई पाटिल में स्टेडियम में अपने ग्रैंडपा सचिन को जीत को तोहफा देने के संकल्प के साथ उतरना होगा। अब तक पूरी सीरीज में असफल रहे ओपनर वीरेन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, युवराज सिंह जैसे बल्लेबाजों को इस अंतिम वनडे में कंगारूओं के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना ही होगा, क्योंकि इस मैच में मिलने वाली जीत ही श्रीलंका के खिलाफ आगामी घरेलू सीरीज में टीम इंडिया का मनोबल ऊंचा रखेगी।

भारतीय ओपनिंग पूरी सीरीज में असफल रही है। यानी सचिन और सहवाग को इस मैच में एक अच्छी पारी खेलनी होगी। कुछ दिन पहले लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया पर आरोप मढ़ा था कि इसने अपने खराब खेल से घरेलू दर्शकों को नीचा दिखाया है। जाहिर तौर पर भारतीय टीम को अपने इस महान खिलाड़ी की इस घुड़की से निकलने के लिए इस मैच को जीतना ही होगा यानी दबाव तो मेजबान टीम पर ही होगा।
 
कप्तान धोनी को इस मैच में खुद के प्रदर्शन में सुधार करना होगा। उधर, गंभीर के लिए यह मैच लिटमेस पेपर टेस्ट होगा क्योंकि वह पूरी सीरीज में असफल रहे हैं। सुरेश रैना एक दो पारी जरूर अच्छी खेले हैं लेकिन वह भी लय में नहीं दिख रहे हैं।

अगर गेंदबाजी की बात की जाए तो तेज गेंदबाज आशीष नेहरा और प्रवीण कुमार को छोड़कर भारत का कोई भी गेंदबाज सीरीज में अच्छा प्रदर्शन कर पाने में असफल रहा है। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का प्रदर्शन इस सीरीज में बिल्कुल ही खराब रहा है। वहीं ईशांत शर्मा तो एकदम असरहीन ही रहे हैं। यानी भारतीय टीम को इस मोर्चे पर भी काफी कड़ी मेहनत करनी होगी। सभी गेंदबाजों को बेहतर प्रदर्शन करने के साथ टीम को मैच जिताने के लिए हरसंभव कोशिश करनी होगी।

वहीं, आस्ट्रेलियाई टीम के लिए यह मैच तो बस औपचारिकता भर है। कंगारू कप्तान ने गुवाहाटी में सीरीज जीतने के बाद ही कहा था कि उनके लिए यह सीरीज जीतना विश्व कप जीतने के समान है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा था कि वह मुंबई मैच को जीतना चाहेंगे।

वैसे भी कंगारू टीम को बेहतर फिनिशर माना जाता है और सीरीज जीतने के बाद तो उसके खिलाड़ियों का मनोबल भी सातवें आसमान पर होगा। टीम के सभी खिलाड़ी शानदार फार्म में हैं। खास तौर पर माइकल हसी, कप्तान पोंटिंग, शेन वाटसन और कैमरून व्हाइट तो गजब के फार्म में हैं। यानी इस मैच में भी भारत के लिए कुछ भी आसान नहीं होने जा रहा है।

वैसे भी जिस तरह से दोयम दर्जे की आस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को मात दी है वह उसके एक बार फिर से क्रिकेट का बादशाह बनने का संकेत दे रहा है। गेंदबाजी में भी टीम के तेज गेंदबाजों मिशेल जानसन, डग बोलिंगर, क्लाइंट मैके ने जो प्रदर्शन किया है वह काबिलेतारीफ है। ये सभी खिलाड़ी एक बार फिर अपनी टीम को एक और जीत दिलाकर विजयश्री के साथ स्वदेश रवानगी चाहेंगे।

रही बात भारत की तो यह मैच उसके लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। दुनिया के श्रेष्ठ बल्लेबाजों से सजी टीम इस मैच को किसी भी कीमत पर नहीं हारना चाहेगी लेकिन इसके लिए उसे अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।

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