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अपहरण और कानपुर एक दूसरे के पर्यायवाची

अपहरण और कानपुर अब एक दूसरे के पर्यायवाची बनते जा रहे हैं। पिछले पांच माह में (जुलाई से अब तक)  कानपुर से पांच बच्चों और किशोरों का अपहरण हो चुका है जिनमें से चार की हत्या हो चुकी है तथा एक लड़का फिरौती देकर छूटा है। इतना सब कुछ होने के बाद भी पुलिस अधिकारी इस बात को मानने को तैयार नहीं है कि शहर में बच्चों का अपहरण करने वाला कोई गिरोह सक्रिय है।

अभी कल ही कानपुर में एक और छात्र गोविंदनगर के जियाउद्दीन के अपहरण के बाद हत्या का मामला सामने आया है, हालांकि पुलिस ने इस आईटीआई छात्र को ले जाने वाले और उसकी हत्या करने के बाद घर वालों से फिरौती मांगने वाले चार युवकों को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में इन लड़कों ने स्वीकार भी कर लिया है कि दुश्मनी के कारण उन्होंने यह काम किया था और उसी दिन उसकी हत्या कर लाश उन्नाव जिले में फेंक दी थी लेकिन पुलिस अभी तक लाश बरामद नहीं कर पाई है।

शहर में ताबड़तोड़ बच्चों के अपहरण और उनकी हत्याओं के बारे में जब कानपुर के डीआईजी बीपी जोगदंड ने बताया कि उन्होंने इस बात को सिरे से नकार दिया कि कानपुर अपहरण उद्योग नगरी बनती जा रही है। वह कहते हैं कि इन सारे अपहरणों में कोई एक गिरोह सक्रिय नहीं है यह अलग अलग युवकों द्वारा की जा रही घटनायें हैं और इन सबके पीछे या तो दुश्मनी है या फिर अपहरण के बाद फिरौती के रूप में कुछ पैसा कमा लेने की चाहत।

शहर के राजनीतिक दलों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर काफी असंतोष है और उनका कहना है कि अगर आपके बच्चों का अपहरण हो गया है और अगर आप पैसे वाले हो तो फिरौती देकर अपने बच्चों को छुड़ा लो वरना उसकी लाश का इंतजार करो क्योंकि पुलिस तो आपके बच्चों को सही सलामत छुड़वाने से रही। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और कानपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रमोद जायसवाल तो यहां तक कहते है कि पुलिस को शहर में बच्चों के अपहरण से कोई लेना देना ही नहीं है क्योंकि उसको तो सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक कामों को ही निपटाने से फुरसत नहीं है।

गौरतलब है कि पहला मामला जुलाई माह में व्यापारी पुत्र करन का था जो घर से दोस्तों के साथ निकला और वापस न लौटा। लापता लड़कों में दूसरा लड़का पांच अगस्त को चकेरी के चमड़ा व्यावसायी का पुत्र नुरूल था जो घर से बाहर निकला था लेकिन बाद में वापस नहीं लौटा। तीसरा मामला चकेरी इलाके के शिवकटरा इलाके में 10 अगस्त को हुआ जब आटा चक्की मालिक महेश का बेटा निखिल (5) घर से बाहर खेलते हुये लापता हो गया। चौथा बच्चा शिवम 17 अगस्त को नौबस्ता से लापता हो गया, अब पांचवां मामला पांच नवंबर को लापता जियाउद्दीन का है जिसके अपहरणकर्ताओं ने उसकी हत्या की बात कल स्वीकार कर ली है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टेनरी व्यावसायी का पुत्र नुरूल अपहरणकर्ताओं के चुंगल से बच कर वापस आ गया है जबकि नौबस्ता से 17 अगस्त को लापता हुये शिवम की अपहरणकर्ताओं ने चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी। शिवम अपहरण कांड में भी छह अपहरणकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था यह सब उसके करीबी दोस्त है जिन्होंने फिरौती के लिये उसकी हत्या की थी।

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