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अजनबी का कोल्ड ड्रिंक्स पीना यानी आफत मोल लेना

िवशेष पैकेज - नीतीश कुमार सोनी पटना (व.सं.)। सफर पर िनकल रहे हैं तो सावधान! रास्ते में अजनबी का कोल्ड ्रिडंक या पानी पीना मतलब आफत मोल लेना है। िसर्फ पेय पदार्थ ही नहीं बिल्क खाने-पीने का अन्य सामान भी खतरे की घंटी है। दरअसल रेल क्षेत्र में जब चौकसी बढ़ाई गई तो नशाखुरानी िगरोह के लुटेरों ने नया ट्रेंड अपना िलया है। न िसर्फ घटनास्थल बिल्क तौर-तरीके भी बदल िदये हैं। चाय-िबस्कुट की जगह पानी और कोल्ड ्रिडंक्स की बोतलों के साथ ही गुटखा, िसगरेट और िचप्स को नशीला बना कर नया हिथयार बना िलया है। प्लेटफॉर्म पर या बाहरी पिरसर में भोले-भाले याित्रयों को फांसना और सुनसान इलाकों में ले जाकर लूटना इनकी िफतरत बन गई है। अिधकांशत: रात में ही लुटेरे सक्रिय होते हैं और पीिड़त उनकी गाड़ी का नंबर ठीक से नहीं देख सके इसके िलए रेिडयम का नंबर प्लेट लगाया जाता है। शिनवार को पटना जंक्शन पर रेल थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर आलोक कुमार िसंह के नेतृत्व में िवशेष टीम द्वारा िगरफ्तार किये गये सरगना व बर्खास्त िसपाही अिजत कुमार व गुर्गे मो. इकराम से पूछताछ में पुिलस को कई अहम जानकारी रेल पुिलस को िमली है। लुटेरे मुसािफर का छद्म वेश तो धारण करते हैं लेकिन लोगों को प्लेटफॉर्म पर या बाहर टेम्पो स्टैंड आिद जगहों पर अपने जाल में फांसते हैं। पहले वे नाम-पता पूछते हैं िफर खुद को भी उसी व्यिक्त के इलाके में जाने की बात कहते हुए वाहन की तलाश करने का नाटक करते हैं। वहां पहले से मौजूद िगरोह का ड्राइवर वैन या अन्य वाहन िलए खड़ा रहता है। यात्राी को झांसे में लेकर गाड़ी तक लाते ही िगरोह के अन्य सदस्य भी वहां पहुंच कर बहाने बनाते हुए कम भाड़ा तय करके सवार हो जाते हैं। रास्ते में पानी, कोल्ड ्रिडंक्स, िचप्स, िसगरेट, गुटखा, खैनी-चूना िखलाने के बहाने लुटेरे लोगों को नशीले पदार्थ िखला-िपला देते हैं। बेहोश होने पर कभी चलती गाड़ी से फेंक िदया जाता है तो कभी अर्धबेहोशी में ही किसी बहाने नीचे उतार िदया जाता है। दो माह पहले पटना रेल पुिलस द्वारा वैन के साथ पकड़े गये अपरािधयों के अलावा अन्य नशाखुरानी िगरोहों के भी इसी स्टाइल में लूटपाट करने की बात सामने आई है। कैसे बनता है नशीला पदार्थ बाजार में आसानी से उपलब्ध नशीले टेबलेट का चूर्ण या पेस्ट बना कर लुटेरों द्वारा उसे उक्त खाद्य व पेय पदार्थो में िमला िदया जाता है। खास बात यह कि रंगीन पेय पदार्थ व गुटखा में जहां रंगीन नशीले टेबलेट (ऐिक्टवैन आिद) के चूर्ण िमलाये जाते हैं वहीं चूना-पानी आिद में सफेद टेबलेट का पावडर (वेिलयम 10 आिद)। खाने-पीने पर आपको पता भी नहीं चलेगा और थोड़ी ही देर बाद आपकी सुध-बुद खोने लगेगी। एक वर्ष में चार गैंग का भंडाफोड़ रेलवे से जुड़ी सुरक्षा व खुिफया एजेिंसयों द्वारा तमाम एहितयाती कदम उठाये जाने के बावजूद रेल क्षेत्र में सक्रिय नशाखुरानी िगरोहों का दुस्साहस थमने का नाम नहीं ले रहा है। िपछले एक वर्ष में िसर्फ पटना जंक्शन रेल पुिलस द्वारा चार अंतर्राज्यीय िगरोहों का भंडाफोड़ करते हुए सात लुटेरों की िगरफ्तारी इसी सच्चाई पर मुहर लगाती है। अब तक तक तो वर्दीधािरयों और लुटेरों की साठगांठ की बात अक्सर सामने आती थी। हालांकि िपछले शिनवार को पटना जंक्शन पर रेल पुिलस द्वारा िगरफ्तार किया गया शाितर सरगना अिजत कुमार िबहार पुिलस का बर्खास्त िसपाही िनकला। इसी वर्ष 15 िसतम्बर को सरगना समेत तीन लुटेरों को मारूित वैन के साथ पकड़ा गया। िपछले वर्ष 24 नवम्बर को जहां अंतर्राज्यीय िगरोह का सरगना कानपुर (उत्तर प्रदेश) िनवासी रामचंद्र वर्मा रेल पुिलस के हत्थे चढ़ा था जबकि िदसम्बर में कुख्यात महेश केवट की िगरफ्तारी हुई थी। पटना-नई िदल्ली रूट पर चलने वाली ट्रेनों की जेनरल बोगी में केवट का आतंक था। थोड़ी सी सावधानी, सफर में आसानी स्टेशन हो या ट्रेन : हमेशा वैध स्टॉल व लाइसेंसी वेंडर से ही खाने-पीने का सामान खरीदें। किसी भी दूसरे व्यिक्त का िदया हुआ कुछ नहीं खाएं-पीएं।सफर के दौरान किसी अजनबी से मेल-जोल बढ़़ाने से बचें। अगर कुछ पूछताछ करनी है तो कुली, पूछताछ काउंटर, यात्राी सहायता केन्द्र आिद की मदद लें। भाड़ा आिद में पैसा बचाने के चक्कर में जालसाजों के िशकंजे में जाने का खतरा है। ं

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