DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

गेम्स में मच्छर न बन जाए ‘दुश्मन’

डेंगू का मच्छर कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान खिलाड़ियों व लोगों को परेशान कर सकता है। मौजूदा एमसीडी व सरकार की तैयारियों से तो यही लगता है। सारे दावे दिखावे के तौर पर किए जा रहे हैं और तैयारियां कागजों पर हैं। डेंगू मरीजों के आंकड़ें भी फर्जी है। ऐसे में राजधानी डेंगू के डंक से कैसे महफूज रह सकती है।

एमसीडी सदन में यह चिंता सोमवार को पार्षदों ने जताते हुए इसके लिए अभी से प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया। इस बीच एक पार्षद द्वारा किसी अन्य मुद्दे पर बोलने को लेकर सत्तापक्ष व विपक्ष ने शोर शराबा किया जिसके चलते एंजेडा पारित कर बैठक स्थगित कर दी गई।

डेंगू, मलेरिया, हैजा व आंत्रशोध के मसले पर अल्पकालिक सवाल के दौरान पार्षदों ने कहा कि हालत यह है कि डेंगू मरीज भर्ती कराने के लिए सिफारिश करनी पड़ रही है जबकि सरकार को इसके लिए पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए। मौतों व मरीजों के आंकड़े फर्जी हैं जो हकीकत से परे हैं। पार्षद जितेंद्र सिंह शंटी ने कहा कि उत्तरप्रदेश घटिया राज्य माना जाता है इसके बावजूद वहां बेहतर इंतजाम हैं और न ही वहां डेंगू से मरने की खबरें आई हैं।

आखिर दिल्ली तैयारियों में पीछे क्यों हैं? पार्षद प्रीति ने कहा कि फो¨गग मशीनों के लिए डीजल तो लिया जाता है लेकिन यह कहां होती है यह किसी को नहीं पता। जागरूकता अभियान में भी एमसीडी पीछे हैं। एमसीडी की सारी कार्रवाई कागजी है। अल्पकालिक सवाल सुभाष आर्य, सुमन कुमार गुप्ता व डा.संजीव नैय्यर की ओर से लगाया गया था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:गेम्स में मच्छर न बन जाए ‘दुश्मन’