अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिसकी होगी चयादा सीटें उसी का होगा प्रधानमंत्री: वाम दल

वाम दलों ने शुक्रवार को कहा कि तीसरे मोर्चे का जो भी दल अगले लोकसभा चुनावों में सबसे यादा सीटें जीतेगा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का फैसला करने का अधिकार उसका ही होगा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने गुरूवार को कहा था कि तीसरे मोर्चे को बसपा प्रमुख मायावती को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार के रूप में पेश करना चाहिए और इस बारे में उनकी पार्टी कोई समझौता नहीं करेगी। वाम दलों के नेताआें से इस बारे में पूछे जाने पर कहा कि तीसरे मोर्चे की संरचना और उसके भविष्य के कदम से संबंधित फैसला सभी घटक दल मिल कर करेंगे। माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेताआें नीलोत्पल बसु और रूपचंद पाल ने कहा कि यह सिर्फ जोड़ घटाव का मामला नहीं है। लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो आम जनता के फायदे वाली आर्थिक नीतियां अपनाए, साम्प्रदायिकता से मुकाबला करे और स्वतंत्र विदेश नीति पर चले। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय सचिव शमीम फैजी ने कहा कि वाम दल एक गैरकांग्रेस और गैरभाजपा विकल्प पर काम कर रहे हैं। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन दोनों ही आर्थिक उदारीकरण और अमरीकी उपनिवेशवाद के पक्ष में हैं। तीसरा विकल्प इन दोनों से देश को मुक्ित दिलाना चाहता है। फैजी ने बसपा की मांग के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वाम दलों की राय में घटक पार्टियों में से सबसे यादा सीटें पाने वाली पार्टी को प्रधानमंत्री के बारे में फैसला करने का हक होगा। अगर बसपा सबसे यादा सीटें जीतती है तो वाम दलों को मायावती की उम्मीदवारी पर कोई एतराज नहीं होगा। उन्होंने कहा कि तीसरे मोर्चे के घटक दलों को धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक नीतियों पर आधारित एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम भी स्वीकार करना होगा। भाकपा के नेता डी राजा ने कहा कि तीसरे मोर्चे के उदय से उन लोगों का उत्साह बढ़ा है जो सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि नीतियों की दिशा में बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मुद्दे को रविवार को होने वाली तीसरे मोर्चे की बैठक में सुलझा लिया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: ज्यादा सीटों वाले दल से होगा पीएम : वाम