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टीम इंडिया का क्लीन स्वीप का इरादा

वनडे सीरीज को पहले ही अपनी झोली में डाल चुकी भारतीय टीम शनिवार को पांचवें और अंतिम वनडे मैच में क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरगी। भारत पांच मैचों की इस सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ 3-0 की अपराजेय बढ़त हासिल कर चुका है। कामयाबी के घोड़े पर सवार होकर सरपट दौड़ रहे कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी चाहेंगे कि पांचवें मैच में भी जीत हासिल की जाए ताकि टीम इंडिया 18 मार्च से शुरू होने वाली तीन टेस्टों की सीरीज में बढ़े हुए मनोबल के साथ उतर सके। न्यूजीलैंड में खेलने के हौवा का खात्मा करने के बाद भारतीय टीम अपने कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को आराम करने का मौका दे सकती है। धोनी हो सकता है ईडन पार्क पर परिणाम पर असर न डालने वाले इस मैच में अपने रिजर्व खिलाड़ियों को मौका दें। आखिरी वनडे में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की उपलब्धता के बारे में अभी कुछ तय नहीं है। सचिन तीसरे वनडे में 163 रन की बेहतरीन पारी खेलने के बाद अपने पेट की मांसपेशियां खिंचा बैठे थे और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा था। इसी वजह से उन्हें चौथे वनडे से बाहर बैठना पड़ा था। सचिन की अनुपस्थिति टीम इंडिया के लिए ज्यादा चिंता का विषय नहीं है क्योंकि ओपनर वीरेन्द्र सहवाग, उनके जोड़ीदार गौतम गंभीर, मध्यक्रम में युवराज सिंह, कप्तान धोनी, सुरेश रैना और यूसुफ पठान ऐसे बल्लेबाज हैं जो इस दौरे में न्यूजीलैंड की गेंदबाजी की बखिया उधेड़ रहे हैं। विटोरी अब तक चौथे मैच के दुस्वप्न से उबर नहीं पाए होंगे जिसमें सहवाग ने सबसे तेज भारतीय शतक बनाते हुए न्यूजीलैंड की गेंदबाजी का कत्लेआम कर डाला था। न्यूजीलैंड के पास विटोरी और अनुभवी काइल मिल्स को छोड॥कर शेष अनुभवहीन गेंदबाजी आक्रमण है। लेकिन इस सीरीज में मिल्स की जबर्दस्त पिटाई भी विटोरी के लिए चिंता का विषय है। इस दौरे से पहले और दो 20-20 मैच जीतने के बाद विटोरी अपनी टीम को टीम इंडिया से कहीं बेहतर मान रहे थे। लेकिन वनडे में तीन पराजयों के बाद अब वह यह मान रहे हैं कि वह अपने से कहीं बेहतर टीम के खिलाफ खेल रहे हैं जो खेल के सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन कर रही है। भारत संभवत: इस मैच में अपनी बेंच ताकत को आजमाने की कोशिश कर सकता है। लेकिन ऐसा करते समय उसे श्रीलंका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज को ध्यान में रखना होगा। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पहले चार वनडे जीत लिए थे और आखिरी वनडे में कुछ खिलाड़ियों को मौका दिया था। इसका नतीजा यह हुआ था कि भारत आखिरी वनडे हार गया था और सीरीज उसके हाथ 4-1 से लगी जबकि वह इस सीरीज को 5-0 से क्लीन स्वीप कर सकता था। कप्तान धोनी आखिरी वनडे में अपने प्रमुख हथियार जहीर खान और हरभजन सिंह को विश्राम दे सकते हैं। उनकी जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज इरफान पठान और लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रज्ञान ओझा को मौका मिल सकता है। बल्लेबाजी में किसी परिवर्तन की उम्मीद नजर नहीं आती है। पिछले मैच में सहवाग और गंभीर ने अकेले ही न्यूजीलैंड का काम तमाम कर दिया था। अन्य बल्लेबाजों को तो क्रीज पर पहुंचने का मौका ही नहीं मिल पाया था। यदि सचिन फिट होते हैं तो संभवत वह मैदान में उतरेंगे और उस सूरत में रोहित शर्मा को बाहर बैठना पड़ सकता है। लेकिन सीरीज कब्जाने के बाद टीम प्रबंधन उन्हें हड़बड़ी में मैदान में उतारने का कोई जोखिम नहीं उठाएगा क्योंकि टीम इंडिया को इसके बाद होने वाली तीन टेस्टों की सीरीज में अपने इस सबसे अनुभवी बल्लेबाज की जरूरत है। इस बारे में कोई भी फैसला मैच शुरू होने से पहले ही होगा। सीरीज बेशक भारत के कब्जे में आ चुकी हो और वह 33 वर्षों में पहली बार न्यूजीलैंड में वनडे सीरीज जीत चुका है। लेकिन इससे आखिरी वनडे के रोमांच पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है क्योंकि इस मैच में भारत की नजरें क्लीन स्वीप पर और न्यूजीलैंड की नजरें अपनी प्रतिष्ठा बचाने पर लगी रहेंगी।

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  • Web Title: टीम इंडिया का क्लीन स्वीप का इरादा