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विवि निर्माण को मंगलवार को करेंगे चक्का जाम

श्रीनगर में स्थित गढ़वाल विश्व विद्यालय के केन्द्रीय विश्व विद्यालय बनने के बाद राज्य के पहाड़ी जनपदों में स्थित महाविद्यालयों के संचालन हेतु बनाये जाने वाले विश्व विद्यालय को लेकर जनपद में आंदोलन की चिंगारी सुलग गयी है। रुद्रप्रयाग जनपद के छात्र नेताओं के साथ ही जनप्रतिनिधि भी विश्व विद्यालय की स्थापना को लेकर एकजुट होने लगे हैं।
लोगों की मांग है कि हमेशा से सीमांत जनपदों के विकास की उपेक्षा होती रही है किंतु इस बार विश्व विद्यालय निर्माण के लिए सरकार पर पूरी तरह दबाब बनाया जायेगा। जिले में संघर्ष समिति का गठन भी कर दिया गया है। जबकि समिति द्वारा 11 नवम्बर को प्रदर्शन और चक्का जाम का ऐलान किया गया है। केन्द्र सरकार द्वारा गढ़वाल के एक मात्र विश्व विद्यालय श्रीनगर को केन्द्रीय विश्व विद्यालय बनाने के बाद यहां के करीब 160 महाविद्यालयों के लिए अलग विश्व विद्यालय बनाया जाना प्रस्तावित है। सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के हर छात्र को उच्च शिक्षा का लाभ मिले इसके लिए रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद में विश्व विद्यालय बनाये जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार रुद्रप्रयाग और चमोली की जनसंख्या 5 लाख 97 हजार 9 सौ 98 है जबकि इस वर्तमान में यह संख्या इससे भी अधिक हो चुकी है। टिहरी, उत्तरकारी, चमोली, पौड़ी की सीमाओं से सटे रुद्रप्रयाग में विश्व विद्यालय स्थापित करने को लेकर छात्र नेताओं के साथ ही जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन की रणनीति बनाने लगे हैं।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंवर सजवाण, उपाध्यक्ष योगम्बर नेगी, लक्ष्मण सिंह रावत, श्रीराज बिष्ट, उत्तराखण्ड आंदोलन में सक्रिय रहे रंगकर्मी राकेश भट्ट आदि का कहना है कि सरकार को विश्व विद्यालय की स्थापना रुद्रप्रयाग में करनी चाहिए ताकि गढ़वाल के अधिकांश जिलों के छात्रों को इसका लाभ मिले। यदि ऐसा नहीं हुआ तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जायेगा। 

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