DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रोबोटिक्स

रोबोट एक ‘वर्चुअल’ या ‘मैकेनिकल आर्टिफिशियल एजेंट’ कहलाता है। अपने इस्तेमाल में रोबोट एक ‘इलेक्ट्रोमैकेनिकल मशीन’ है, जो कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्रामिंग की मदद से चलती और अपने कार्य स्वयं संपन्न करती है।

रोबोट की सामान्य पहचान प्रोग्रामिंग के आधार पर उसके अपने कार्य करने की ही है, साथ ही उसके हाव-भाव उसमें स्वयं की बौद्धिक क्षमता होने के लक्षण भी दर्शाते हैं। कोई भी रोबोट दिए गए विशिष्ट निर्देशों का पालन करता है जिसमें उसे कहा जाता है कि कोई कार्य कैसे और कब किया जाए। यह निर्देश रोबोट के कंप्यूटरीकृत कंट्रोल सेंटर में स्टोर होते हैं।

सामान्यत: रोबोट की संरचना मैकेनिकल होती है, इसे काइनेमेटिक चेन (गीतिकीय श्रृंखला) कहते हैं। इसकी संरचना मानव के कंकाल की तरह ही होती है। चेन लिंक (उसकी हड्डियों), एक्यूटेर्स (मांसपेशियों) और जोड़ों से मिलकर बनती है। ज्यादातर  रोबोट की संरचना मानव की तरह ही होती है। इसे मानव के अंगों के काम करने के तौर-तरीकों के आधार पर बनाया जाता है। ऐसे रोबोट को सीरियल रोबोट कहा जाता है। 

आसीमोव ने 1950 में प्रकाशित अपनी किताब ‘आई रोबोट’ में रोबोटिक्स से संबंधित तीन नियम दिए थे। इन्हें रोबोटिक्स के नियमों के तौर पर जाना जाता है। पहले नियम के मुताबिक रोबोट कभी किसी मानव को हानि नहीं पहुंचाता है। दूसरे नियम में कहा गया था कि बिना पहले नियम का उल्लंघन किए हुए रोबोट मानव द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करेगा। तीसरे नियम के अनुसार बिना दोनों नियमों का उल्लंघन किए हुए रोबोट अपना बचाव करेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:रोबोटिक्स