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गंगा एक्सप्रेस वे मामले में हाईकोर्ट का रुख सख्त

रोक के बावजूद गंगा एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य जारी रखने पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रदेश के मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्त व मिर्जापुर के कई सम्बन्धित अधिकारियों तथा जेपी इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्पोरेशन के मुख्य प्रबन्ध निदेशक व चेयरमैन मनोज गौर को नोटिस जारी किया है।

न्यायालय ने वहाँ पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश भी दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति डीपी सिंह ने गंगा महासभा वाराणसी व महंथ नरेंद्र गिरि द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर पारित किया है।

याचिका में कहा गया है कि इस मामले पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने 29 मई 2009 को अपने आदेश में कहा था कि पर्यावरण अधिनियम के तहत अनापत्ति मिलने के बाद ही इस परियोजना का कार्य प्रारम्भ किया जाए। याचीगणों ने अवमानना याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि जेपी इन्फ्रास्ट्रकचर कार्पोरेशन इस आदेश का उल्लंघन करते हुए निर्माण कार्य करा रहा है।

यह अदालत की अवमानना है। इसपर उपयरुक्त वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मिर्जापुर के जिलाधिकारी डा. रमाकांत शुक्ला, एडीएम गिरीश चन्द त्रिपाठी, एएसपी श्रीपति मिश्र को भी नोटिस जारी किया है। इस मामले पर अगली सुनवाई के लिए दो दिसम्बर 09 की तारीख तय की गई है। यह मामला मिर्जापुर जिले से सम्बन्धित है। वहाँ पर इस परियोजना के लिए भूमि की नापजोख कराई जा रही है जो निर्माण कार्य का एक हिस्सा है। इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुँच रहा है।

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  • Web Title:गंगा एक्सप्रेस वे मामले में हाईकोर्ट का रुख सख्त