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बाईपास से बदलेगी औद्योगिक क्षेत्र की तस्वीर

बाईपास के निर्माण का कार्य अब तक लगभग साठ प्रतिशत पूरा हो चुका है। युद्ध स्तर पर इसका काम चलने के बावजूद इसके अगले साल के अंत तक ही पूरा होने की उम्मीद है। अभी इसके निचले इलाके में सिमेंटिड सड़क बनाई जा रही है, जबकि बाकी हिस्से में तारकोल की सड़क बनाई जाएगी। मुख्य चौराहों पर हाई मास्क की स्ट्रीट लाइटों के अलावा ट्रैफिक नियमों के लिहाज से सिंगनल लगाए जाएंगे।

बल्लभगढ़ में औद्योगिक मॉडल टाउन विकसित होना है। बाईपास बनने से सर्वाधिक लाभ आईएमटी को होगा। दरअसल, चंदावली से सटे जिस इलाके में आईएमटी विकसित की जानी है, वह इलाका बाईपास रोड से सटा है। जिसका यहां के उद्योगों को सीधा लाभ होगा। इन्हें शहर के अन्य क्षेत्रों में बसी औद्योगिक इकाईयों की अपेक्षा बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया हो सकेगी। इनके चलते उद्योगों का रुझान आईएमटी की ओर बढ़ सकता है। आगरा नहर के किनारे सड़क बनाई जा रही है। इससे भी इलाके में रोनक आएगी। बुढ़िया नाले पर भी एक पुल बनाए जाने की योजना है। बाईपास का निर्माण कर रही कंपनी ने इसका डिजाइन बनाकर भेजा है। हुडा अधिकारियों का कहना है कि पुल का डिजाइन मंजूर होते ही इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

हुडा के कार्यकारी अभियंता एके मग्गू ने बताया कि मलेरना के समीप बाईपास रोड पर रेलवे लाइन पर एक पुल बनाया जाना है, जिसका रेलवे ने टेंडर छोड़ दिया है। यह पुल एक वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा।


झुग्गी बनी हैं अड़चन-
बाईपास रोड पर बनी झुग्गियां इसमें अड़चन बनी हुई हैं। करीब दो किलोमीटर लंबे क्षेत्र में सिक्स लेन का निर्माण झुग्गियां हटाने के बाद ही संभव है। सरकार की ओर से अभी तक इन्हें हटाने की कोई योजना नहीं बनाई गई है, जबकि आशियाना बनकर तैयार है।


जाम से मिलेगी मुक्ति-
बाईपास छह लेन का बनाए जाने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम से मुक्ति मिल सकेगी। दिल्ली से आगरा की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी इसका खूब लाभ मिलेगा। वे कम समय में आगरा पहुंच सकेंगे।

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