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चार मनसे विधायक 4 साल के लिए निलंबित

चार मनसे विधायक 4 साल के लिए निलंबित

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के विधायकों ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा के भीतर समाजवादी पार्टी (सपा) के नवनिर्वाचित विधायक अबू असीम आजमी को न सिर्फ हिंदी में शपथ लेने से रोका बल्कि उनके साथ हाथापाई भी की। आजमी पर हमले के आरोप में मनसे के चार विधायकों को चार साल के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है।

मनसे के चार विधायकों शिशिर शिंदे, राम कदम, वसंत गीते और रमेश बांजले को विशेषाधिकार हनन संबंधी एक प्रस्ताव के जरिए विधानसभा से चार साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

विधानसभा की कार्यवाही सोमवार सुबह नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण के साथ शुरू हुई। इससे पहले मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कथित तौर पर सभी 288 विधायकों से एक खुले पत्र के माध्यम से मराठी में शपथ लेने की अपील की थी।

जब आजमी की शपथ लेने की बारी आई तो उन्होंने हिंदी में शपथ लेनी शुरू की। मनसे सदस्यों ने इसका विरोध किया और वे नारेबाजी करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए। चूंकि आजमी अभी शपथ ले ही रहे थे कि मनसे सदस्य रमेश बांजले ने माइक्रोफोन उठाकर फेंक दिया। मनसे के अन्य सदस्यों ने आजमी को घेर लिया और उनके साथ हाथापाई करना आरंभ कर दिया।

मनसे सदस्य राम कदम को आजमी पर थप्पड़ जड़ते और सीने और कंधों पर वार करते भी देखा गया। लगभग सभी समाचार चैनलों ने उन्हें ऐसा करते दिखाया।

सदन में हुई इस घटना से भौंचक कांग्रेस के राजेन्द्र दर्डा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजीत पवार सहित कई अन्य सदस्य आजमी की ओर लपके और मनसे सदस्यों से उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन मनसे सदस्यों ने बचाने आए सदस्यों को भी धकेला।

इसके तत्काल बाद विधानसभा के प्रोटेम अध्यक्ष गणपतराव देशमुख ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।

इस घटना के बाद सदन के बाहर विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान आजमी ने राज ठाकरे की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा, ''मैंने हिंदी में शपथ लेकर कुछ भी गलत नहीं किया। यह हमारी राष्ट्र भाषा है और मैंने उसका सम्मान किया है।''

उन्होंने कहा कि चूंकि मनसे सदस्यों ने सदन की गरिमा का और राष्ट्रभाषा का अपमान किया है, इसलिए राज ठाकरे को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

आजमी ने कहा कि वह पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि उन्हें मराठी नहीं आती है और वह मराठी सीख रहे हैं। उन्होंने कहा, ''मैं राष्ट्रभाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता।'' उन्होंने कहा, ''एक सदस्य (बाबा सिद्दीकी-कांग्रेस) ने तो अंग्रेजी में शपथ ली लेकिन किसी ने उनका विरोध नहीं किया।''

आजमी ने प्रोटेम स्पीकर देशमुख को लिखित शिकायत कर मनसे सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इस घटना को शर्मनाक करार दिया है।

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