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पैरोल पर रिहा मनु ले रहे नाइट क्लब का मजा

पैरोल पर रिहा मनु ले रहे नाइट क्लब का मजा

विभिन्न राजनीतिक दलों और कानून के जानकारों ने मॉडल जेसिका लाल की हत्या के दोषी मनु शर्मा के पैरोल की अवधि बढ़ाए जाने का कड़ा विरोध किया है। जेसिका के परिवार ने भी इस पर गहरा रोष जताया है।

मनु शर्मा को पहले एक महीने के पैरोल पर रिहा किया गया था, जिसे बाद में 22 नवंबर तक एक महीने के लिए और बढ़ा दिया गया। मनु शर्मा ने बीमार मां की देखभाल और अन्य पारिवारिक कारणों के चलते पैरोल की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था।

खबरों के अनुसार इस मामले में दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की कथित सिफारिश पर राजनीतिक दलों ने कड़ा रुख अखित्यार किया है। मनु शर्मा की मां के द्वारा चंडीगढ़ में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करने और खुद मनु शर्मा के एक होटल के नाइट क्लब में देखे जाने की खबरों के बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया।

उधर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि मनु शर्मा के पैरोल की अवधि बढ़ाए जाने के बारे में उचित प्रक्रिया अपनाई गई है और किसी तरह का भेदभाव नहीं किया गया है।

पैरोल पर रिहा किए जाने से पहले मनु शर्मा दिल्ली की तिहाड. जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। मनु को पैरोल का दुरूपयोग करके शनिवार को दिल्ली के एक होटल के नाइट क्लब में देखे जाने पर बवाल खड़ा हो गया। इसके बाद उसकी मां शक्ति रानी शर्मा को रविवार को चंडीगढ़ में महिलाओं की अंडर 19 क्रिकेट प्रतियोगिता
से संबंधित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते देखा गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा है कि मनु के पैरोल की अवधि तुरंत समाप्त की जानी चाहिए। उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता कामिनी जायसवाल ने भी कहा है कि जिस तरह के अपराध में मनु को सजा हुई है उस तरह के मामलों में पैरोल इतनी आसानी से नहीं दिया जाता।

कानून के एक अन्य जानकार ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कहा है कि मनु को पैरोल दिए जाने से पहले इस तथ्य पर विचार किया जाना चाहिए था कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले वर्ष इसी आधार पर उसे जमानत देने से इंकार कर दिया था। भूषण ने यह भी कहा है कि पारिवारिक बिजनेस की देखभाल के लिए किसी को पैरोल नहीं दिया जाता।

उन्होंने कहा कि इस आधार पर तो पैरोल की अर्जी ही नहीं दायर की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में पैरोल तब दिया जाता है जब किसी निकट संबंधी की मृत्यू हो जाती है या कोई अन्य गंभीर मसला हो। राजनीतिक दलों ने इसे कानून का उल्लंघन करार दिया है।

उधर जेसिका की बहन सबरीना लाल ने इस सारे मामले पर चिंता जताते हुए कहा है कि इस मामले में कानून का दुरूपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मनु अपराधी है और उसे पैरोल पर छोड.ा जाना न्याय के लिए लड.ी जा रही लड.ाई का मजाक है। मनु हरियाणा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता विनोद शर्मा का पुत्र है।

विपक्षी दलों की आलोचना पर शीला दीक्षित ने कहा है कि इस मामले में किसी प्रकार का पक्षपात नहीं किया गया है। उन्होंने कहा है कि जो भी निर्णय लिया गया है वह नियमों के मुताबिक है। उन्होंने कहा कि जेल निरीक्षक, पुलिस और गृह सचिव की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है।

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