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अल्पसंख्यक कॉलेजों के लिए अलग रग्यूलेशन

यूजीसी अल्पसंख्यक कॉलेजों के लिए अलग रग्यूलेशन बना रहा है। यूजीसी की पिछली बैठक में ही निर्णय लिया गया था कि अल्पसंख्यकों की हितों के संरक्षण के लिए अल्पसंख्यक ट्रस्टों द्वारा संचालित कॉलेजों के लिए स्वतंत्र रग्यूलेशन होना चाहिए। अल्पसंख्यक कॉलेज लंबे समय से इसकी मांग करते रहे हैं।ड्ढr अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थाओं के संचालन में यूजीसी के रग्यूलेशन 2000 के कुछ हिस्से अल्पसंख्यकों के संवैधानिक हितों के अनुकूल नहीं हैं, जो उन्हें आर्टिकल 30 के तहत प्राप्त हैं। खास कर कॉलेजों में होनेवाली नियुक्ितयों में यूनिवर्सिटी के दखल को लेकर अल्पसंख्यक कॉलेजों और यूजीसी के बीच विवाद है। प्राचार्य और शिक्षकों की नियुक्ित के लिए गठित कमेटी अक्सर संबंधित यूनिवर्सिटी के नॉमिनी को प्राथमिकता देती है। कई कॉलेजों ने अपने अधिकार को लेकर कोर्ट में यूजीसी के खिलाफ याचिका दायर की है।ड्ढr पिछले साल लोयला कॉलेज चेन्नई के प्राचार्य फादर अलबर्ट मुथूमलाइ ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेज कर आग्रह किया था कि अल्पसंख्यक कॉलेजों को यूजीसी के दायर से अलग रखा जाये, ताकि नियुक्ित में उन्हें स्वतंत्रता मिले। इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री अजरुन सिंह के निर्देश पर अलग रग्यूलेशन बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

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