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काम की तलाश में भटक रहे हैं

काम की तलाश में भटक रहे हैं

राम, कष्ण, साई के किरदार को जीवंत बनाने वाले नयी पहचान की तलाश में भारतीय घरों में टेलीविजन धारावाहिकों की जबर्दस्त लोकप्रियता के बीच कभी छोटे पर्दे पर राम, कष्ण, साई के किरदार से छोटे पर्दे की नयी परिभाषा गढने वाले अरूण गोविल, नितीश भारद्वाज, मुकुल नाग जैसे कलकार आज अपने लिए नयी भूमिका तलाश रहे हैं।

छोटे पर्दे पर श्रीकष्ण के किरदार को जीवंत बनाने और जमशेदपुर एवं रायगढ़ से कभी लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले वाले नितीश भारद्वाज आज पर्दे और राजनीति से दूर कहीं खो गए हैं। हालांकि आजकल वह अपने लिए नयी भूमिका की तलाश रहे हैं । भारद्वाज ने भाषा से कहा आजकल मैं एक फिल्म की कहानी लिखने में व्यस्त हूं जिसका निर्देशन भी मैं खुद करूंगा । यह फिल्म सामाजिक़ राजनीतिक पष्ठभूमि पर आधारित थ्रिलर है।

रामानंद सागर का सर्वकालिक लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक रामायण में श्रीराम के किरदार को जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के दायरे से परे लोकप्रिय बनाने वाले अरूण गोविल इन दिनों अभिनय और कला क्षेत्र से दूर आध्यात्म में लीन हो गए हैं । अरूण गोविल ने कहा अभिनय में जो रोमांच मिलना चाहिए़ वह आजकल मुझे नहीं मिल रहा है। मैंने पहले काफी काम किया है और आजकल इस क्षेत्र में मुक्षे कुछ रचनात्मक विषय नहीं मिल रहा है। अभी मेरा ज्यादा समय आध्यात्म में बीत रहा है।

भारतीय घरों में टेलीविजन धारावाहिकों की जबर्दस्त लोकप्रियता के बीच कभी छोटे पर्दे पर राम, कष्ण, साई के किरदार से छोटे पर्दे की नयी परिभाषा गढने वाले अरूण गोविल, नितीश भारद्वाज, मुकुल नाग जैसे कलाकार आज अपने लिए नयी भूमिका तलाश रहे हैं।

छोटे पर्दे पर श्रीकष्ण के किरदार को जीवंत बनाने और जमशेदपुर एवं रायगढ़ से कभी लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले वाले नितीश भारद्वाज आज पर्दे और राजनीति से दूर कहीं खो गए हैं। हालांकि आजकल वह अपने लिए नयी भूमिका की तलाश रहे हैं । भारद्वाज ने भाषा से कहा आजकल मैं एक फिल्म की कहानी लिखने में व्यस्त हूं जिसका निर्देशन भी मैं खुद करूंगा । यह फिल्म सामाजिक़ राजनीतिक पष्ठभूमि पर आधारित थ्रिलर है।

रामानंद सागर का सर्वकालिक लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक रामायण में श्रीराम के किरदार को जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र के दायरे से परे लोकप्रिय बनाने वाले अरूण गोविल इन दिनों अभिनय और कला क्षेत्र से दूर आध्यात्म में लीन हो गए हैं ।

अरूण गोविल ने कहा अभिनय में जो रोमांच मिलना चाहिए वह आजकल मुझे नहीं मिल रहा है। मैंने पहले काफी काम किया है और आजकल इस क्षेत्र में मुझे कुछ रचनात्मक विषय नहीं मिल रहा है। अभी मेरा ज्यादा समय आध्यात्म में बीत रहा है।

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