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किसानों ने पटरियां उखाड़ कर यातायात बाधित किया

घोषित गन्ना मूल्य से नाराज किसानों ने सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पटरियां उखाड़ कर और जगह-जगह राजमार्ग जाम कर यातायात बाधित किया।

बागपत में किसानों ने रेलमार्ग क्षतिग्रस्त कर दिया, इससे दिल्ली-बागपत-सहारनपुर रेलमार्ग अवरुद्ध हो गया। मेरठ के दौराला, परतापुर और सरधना और सहारनपुर के कुछ इलाकों से आक्रोशित किसानों के यातायात बाधित किए जाने की खबरें आ रही हैं।
 
बागपत के पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने सोमवार को बताया कि तड़के से ही किसानों ने जिले के बवली रेलवे स्टेशन के निकट रेलमार्ग की फिश प्लेटं उखाड़ दीं, इससे सहारनपुर-बागपत-दिल्ली रेलमार्ग बाधित हो गया और रेलगाडि़यों का संचालन रुक गया।

कुमार ने बताया की किसानों द्वारा बागपत-बड़ात और बागपत- सहारनपुर राजमार्ग जाम करने से यातायात बाधित हो गया। जिले के अन्य इलाकों में भी किसानों ने सड़क-मार्ग जाम किए हैं। उन्होंने कहा कि हालात काबू में करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

किसानों ने सोमवार सुबह 10 बजे से चक्काजाम का ऐलान किया था, लेकिन तड़के से ही वे सड़कों पर उतर आए।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा गन्ने का समर्थन मूल्य 165 रुपये प्रति क्विंटल व केंद्र सरकार द्वारा उससे भी कम 129.85 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित करने और उचित एवं लाभकारी मूल्य व्यवस्था (एफआरपी) तय करने का किसान विरोध कर रहे हैं। गन्ना किसान प्रति क्विंटल 280 रुपए से ऊपर कीमत की मांग कर रहे हैं।
 
केंद्र सरकार ने हाल ही में एक अध्यादेश जारी कर न्यूनतम वैधानिक मूल्य (एसएमपी) समाप्त करके उसके स्थान पर उचित एवं लाभकारी मूल्य व्यवस्था (एफआरपी) लागू कर गन्ना मूल्य 129.85 रुपए प्रति क्विंटल तय किया था।

इसके विरोध में गत चार नवंबर को राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने मेरठ में किसानों की एक महापंचायत कर सरकार को 9 नवंबर तक वाजिब गन्ना मूल्य की घोषणा करने की चेतावनी दी थी। रालोद ने कहा था कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं स्वीकार की तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रेलगाडि़यां और राजमार्ग जाम कर सरकारी व्यवस्था ठप कर दी जाएगी।

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