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पोलियो से लोग डरे, अब डीएम भी चिंतित

पोलियो के लगातार मिल रहे मामलों से जिले के लोगों में डर व्याप्त है। लोग बच्चों को पोलियो की दवा पिला रहे हैं, इसके बावजूद भी बच्चों को पोलियो का संक्रमण हो रहा है। दादरी के कलौंदा गांव के बाद रबूपुरा पोलियो का गढ़ बनता जा रहा है और सबसे ज्यादा मामले इन्हीं गांवों में मिल रहे हैं। जिले में अब तक 14 बच्चों में पोलियो की पुष्टि हो चुकी है जबकि दजर्नों संभावित मामलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिला प्रशासन भी इन मामलों को लेकर चिंतित हैं।

रबूपुरा में अब तक तीन बच्चों में पोलियो की पुष्टि हो चुकी है जबकि संदिग्ध बच्चों की रिपोर्ट का स्थानीय निवासियों को इंतजार है। कलौंदा में इससे ज्यादा पोलियो के मामले हैं। इन गांवों में पी-3 का संक्रमण है जो तेजी से बढ़ रहा है। रबूपुरा के स्थानीय निवासी राम निवास का कहना है कि बच्चों को पोलियो की दवा पिलाते भी डर लग है। कही बच्चों को दवा पिलाने के बाद भी पोलियो न हो जाए।


पोलियो के मामलों पर जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने चिंता जताते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों से शत-प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाना सुनिश्चित करें। अग्रवाल ने रविवार को जिला अस्पताल में सोलह नवजात शिशुओं को दवा पिला कर पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भट्ठों, निर्माण कार्य स्थलों पर कार्य करने वाल मजदूरों, सार्वजनिक स्थलों सार्वजनिक स्थलों, हाईरिस्क वाले क्षेत्रों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंडों पर आने-जाने वाले बच्चों को मोबाइल टीम द्वारा पांच वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाई जाए। उन्होंने समाजिक संस्थाओं और लोगों से अपील की कि इस अभियान को सफल बनाने में कर्मचारियों का सहयोग करें। ईंट भट्ठों और सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों को दवा पिलाने के लिए 90 मोबाइल टीमें और ट्रांजिट टीमें लगाई गई हैं।

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