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तिहाड़ जेल में बज रहे हैं लता व रफी के गाने

देश में कुख्यात अपराधियों के लिए मशहूर तिहाड़ जेल की बैरकों में इन दिनों मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के सुरीले नगमे गूंज रहे हैं। जेल प्रशासन ने कुछ महीने पहले ही कैदियों के लिए ‘स्पेस रेडियो सेवा’ की शुरुआत प्रयोग के तौर पर की थी। अब यह रेडियो सेवा तिहाड़ जेल के कैदियों के जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है।

इस रेडियो सेवा की शुरुआत सुबह 5 बजे से होती है जो शाम 5 बजे तक चलती है। तिहाड़ जेल में स्पेस रेडियो सेवा के बारे में जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने का कहना है कि कि इस रेडियो सेवा की शुरुआत न्यायमूर्ति जे.आर. मीणा के हाथों करवाई गई थी। उस वक्त इसे केवल तिहाड़ जेल के मॉडल वार्डो में ही प्रयोग के तौर पर शुरु किया गया था लेकिन इस रेडियो सेवा का आनंद अब तिहाड़ के सभी कैदी उठा रहे हैं।

रेडियो सेवा के जरिये कैदियों के सुबह की शुरुआत आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रमों के साथ होती है। सुबह के समय कैदी योग के गुर सीखते हैं। साथ ही भजन-कीर्तन का आनंद भी लेते हैं। दोपहर के समय कैदी लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, किशोर कुमार के नगमें सुनते हैं।

तिहाड़ जेल में ‘स्पेस रेडियो सेवा’ को शुरु करने के पीछे जेल प्रशासन का उद्देश्य यह था कि जेल के कैदियों को फुरसत के क्षणों में इसके तहत पुराने और सदाबहार नगमें सुनाकर उनके तनाव को कम किया जाए।

स्पेस रेडियो सेवा भी अन्य रेडियो चैनलों की तरह ही है लेकिन इसमें विज्ञापन नहीं आता है। इस रेडियो सेवा के प्रसार के बारे में जेल प्रवक्ता ने बताया कि कैदियों की तरफ से मिल रहे अच्छे रिस्पॉन्स को देखकर जेल प्रशासन काफी खुश है। इस रेडियो सेवा के माध्यम से कैदियों तक दिल को सुकून पहुंचाने वाले अधिकतर पुराने सदाबहार गाने ही पहुंचते हैं।

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  • Web Title:जेल में बज रहे हैं लता व रफी के गाने