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मुंडा और रघुवर में मतभेद है, मनभेद नहीं: करुणा शुक्ला

भाजपा की प्रभारी करुणा शुक्ला का मानना है कि प्रदेश अध्यक्ष रघुवर दास और पूर्व सीएम अजरुन मुंडा में किसी विषय पर मतभेद हो सकता है, मनभेद नहीं है। हटिया से भाजपा प्रत्याशी रामजी लाल सारडा अपने कृत्यों के लिए शर्मिंदा होंगे। झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने तो कोड़ा के भ्रष्टाचार से जुड़ी कांग्रेस और लालू प्रसाद के साथ हो गए हैं। करुणा शुक्ला विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा में उभरे विवाद और असंतोष के अलावा कई अन्य विषयों पर हिन्दुस्तान के साथ बातचीत कर रहे थे।

सवाल-पिछले नौ वर्षो में छह वर्ष तक भाजपा झारखंड में सत्ता में रही। जो गड़बड़ियां हुई उसकी जड़ में भाजपा भी है। भ्रष्टाचार के छींटे भाजपा पर भी पड़ी है। फिर यूपीए को ही दोषी ठहराना कितना उचित है। जवाब-राज्य बनने के बाद भाजपा को झारखंड रूपी वर्षों पुराना बिगड़ा हुआ घर मिला था। इतने बिगड़े घर को संवारने के लिए छह वर्षों का समय कम होता है। भाजपा ने इतनी छोटी अवधि में सुधार का कम प्रयास नहीं किया। अच्छे काम शुरू हुए जो बाद में बंद हो गए। पीएमजीएसवाइ के माध्यम से अच्छी सड़कें बनीं। बाद में इसकी गति धीमी कर दी गई। देश में जहां पीएमजीएसवाइ के तहत नौवें चरण की सड़कें बन रही हैं झारखंड में पांचवां चरण भी समाप्त नहीं हुआ है।

 

सवाल- चुनाव के ऐन वक्त पर प्रदेश अध्यक्ष रघुवर दास और अजरुन मुंडा के बीच विवाद पार्टी के लिए नुकसानदेह नहीं होगा?
जवाब- देखिए, राज्य में पांच-छह बड़े नेता समकक्ष कद के हैं। रघुवर दास और अजरुन मुंडा में किसी विषय पर मतभेद हो सकता है, पर मनभिन्नता नहीं है। सारे लोग मिलकर काम कर रहे हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो हम एक साथ 65 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं करते।

सवाल- सिल्ली और खरसांवा में उम्मीदवार की घोषणा क्यों नहीं हो रही?
जवाब- खरसांवा में पांचवें चरण में चुनाव है। जल्द घोषणा हो जाएगी।

सवाल- पर, हटिया को लेकर पार्टी के भीतर भारी नाराजगी है। संघ भी नाराज है?
जवाब- रामजी लाल शारदा ने पिछले समय जो कृत्य किया था, वह स्वयं भी शर्मिंदा होंगे। अब जब पार्टी ने उन्हें वापस ले लिया तो वह भी टिकट के दावेदार हो गए। हटिया में 180 दावेदार थे। उनका भाग्य खुल गया। भाग्य ने उनका साथ दिया। जहां तक संघ की बात है, भाजपा राजनीतिक दल है। समय-समय पर संघ का दिशा-निर्देश मिलता रहता है। पर टिकट को लेकर संघ की कहीं कोई नाराजगी नहीं है।

सवाल- भाजपा से जुड़े रहे बाबूलाल मरांडी और उनकी पार्टी के बारे में भाजपा की सोच क्या है?
जवाब- पिछले कुछ वर्षों में उनका जो चरित्र सामने आया है, उसमें उस व्यक्ति का प्रथम लक्ष्य सत्ता और कुर्सी हो गई है। अब तो मधु कोड़ा के भ्रष्टाचार से जुड़ी कांग्रेस और लालू प्रसाद के भी वह साथ हो गए हैं। वह भी उसका अंग बन गए हैं।

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