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येदियुरप्पा-रेड्डी के बीच जमी बर्फ पिघली, संकट खत्म

येदियुरप्पा-रेड्डी के बीच जमी बर्फ पिघली, संकट खत्म

विरोधी खेमों के बीच समझौते के साथ ही कर्नाटक सरकार पर मंडरा रहे काले बादल साफ करने में भाजपा रविवार को सफल हो गयी। समझौते के तहत एक समन्वय समिति बनेगी, एक महिला मंत्री को हटाया जा सकता है और विधानसभा अध्यक्ष कैबिनेट में शामिल होंगे।
   
भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने संकट हल हो गया का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उनके खिलाफ बगावत करने वाले जनार्दन रेडडी की मौजूदगी में कहा कि अब कोई गलतफहमी नहीं है। दोनों (येदियुरप्पा और रेडडी) भविष्य में भाइयों की तरह मिलकर काम करेंगे।

इन दोनों नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद सुषमा ने यह घोषणा की। इस अवसर पर येदियुरप्पा और रेडडी बंधुओं ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर कहा कि उनके बीच अब कोई मनमुटाव नहीं है और दोनों राज्य और पार्टी के हित में काम करेंगे।

सुषमा संभवत: उस सात सदस्यीय समन्वय समिति की अध्यक्ष होंगी, जिसमें मुख्यमंत्री, वरिष्ठ नेता अनंत कुमार, राज्य अध्यक्ष सदानंद गौड़ा और जनार्दन रेडडी के भाई करूणाकर रेडडी शामिल होंगे। रविवार सुबह तक येदियुरप्पा से मिलने से इनकार करने वाले जनार्दन रेडडी ने कहा, येदियुरप्पा से कोई समस्या नहीं है और हम मिलकर काम करेंगे।

संकट के समाधान के बाद येदियुरप्पा ने कर्नाटक भवन में कहा कि समस्या के समाधान के लिए मैं केन्द्रीय नेतृत्व का आभारी हूं। मैं केन्द्रीय नेतृत्व का इसलिए भी आभारी हूं कि उसने मुझमें विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि वह सबको विश्वास में लेकर सरकार चलाएंगे और बिना किसी समस्या के अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।
   
समस्या के निदान के लिए मुख्यमंत्री ने लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेयी, राजनाथ सिंह, एम वेंकैया नायडू, अरूण जेटली, सुषमा स्वराज और विशेष रूप से रेडडी बंधुओं जनार्दन रेडडी और करूणाकर रेडडी का आभार प्रकट किया।

दक्षिण भारत में अपने बूते बनाई पहली सरकार को आडवाणी के जन्मदिन के अवसर पर बचाने की खुशियां रेडडी बंधुओं और येदियुरप्पा सहित उक्त तमाम नेताओं ने मिलकर मनायीं। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने आडवाणी का मुंह मीठा करके ये खुशखबरी सुनायी। येदियुरप्पा ने कहा कि वह केन्द्रीय नेतृत्व का पूर्ण समर्थन लेकर कर्नाटक वापस लौट रहे हैं और रविवार से ही बाढ़ राहत कार्य में जुट जाएंगे।

अपने भाई जी करूणाकर रेडडी के साथ मिलकर जनार्दन रेडडी ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की थी और उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने से भी इनकार कर दिया था। रेडडी बंधु सुषमा के करीबी समझे जाते हैं। सुषमा कर्नाटक की बेलारी लोकसभा सीट से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं।
   
जनार्दन रेडडी ने कहा कि वह (सुषमा) परिवार का ध्यान रखेंगी और उन्होंने अंत में एक सुनियोजित फैसला दिया है। समझौता फार्मूले के तहत मुख्यमंत्री अपनी पसंदीदा मंत्री शोभा करंदलाजे को निकाल सकते हैं और विधानसभा अध्यक्ष जगदीश शेटटर को कैबिनेट में शामिल कर सकते हैं।
   
पार्टी सूत्रों ने हालांकि कहा कि मंत्रियों को लेकर और कोई फेरबदल संभवत: नहीं किया जाएगा। इस प्रकार रेडडी बंधुओं की उस जोरदार मांग को पार्टी शायद नकार देगी कि गृह मंत्री वीएस आचार्य सहित पांच और मंत्रियों को हटाया जाए।

रेडडी बंधुओं के दबाव में मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव वीपी बलिगार को स्थानांतरित कर दिया है। रेडडी बंधुओं की पकड़ वाले बेलारी और गडाग से 60 अन्य अधिकारियों का तबादला करने का फैसला भी आंशिक रूप से मान लिये जाने की उम्मीद है। सुषमा ने कहा कि लगभग सात दिन से चल रहा संकट अब सर्वसम्मति से हल हो गया है।

संकट शुरू होने के बाद से मुख्यमंत्री से मिलने से इनकार करने वाले रेडडी बंधुओं ने सुषमा के निवास पर येदियुरप्पा से आमने-सामने बैठकर बात की। सुषमा ने कहा कि समस्या उस समय पैदा हुई, जब नेताओं को बाढ से प्रभावित लोगों के लिए काम करने के लिए प्रदेश में होना चाहिए था। वे मिलकर काम करेंगे और हर कमी पूरी हो जाएगी।
 
बाद में मुख्यमंत्री ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि संकट के समाधान के लिए कोई फार्मूला तय किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में जो भी हुआ है, वह अब इतिहास हो गया।

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