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मंत्री की यात्रा का ब्यौरा मंत्रालय के पास नहीं

मंत्री की यात्रा का ब्यौरा मंत्रालय के पास नहीं

केन्द्रीय कानून मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी से बाहर कानून मंत्री वीरप्पा मोइली द्वारा किए गए दौरों और उन पर आए खर्च का कोई ब्यौरा उसके पास नहीं है।

सूचना का अधिकार कानून के तहत दाखिल किए गए एक आवेदन के जवाब में मंत्रालय ने कहा है कि कानून मंत्री के दौरों, उनके मकसद और इन पर आए कुल खर्च के बारे में शाखा सचिवालय के पास कोई सूचना नहीं है।

मंत्रालय ने कहा मोइली की संपत्ति की सूची और बैंक में जमा धन के बारे में शाखा सचिवालय के पास कोई जानकारी नहीं है। मंत्रालय के मुख्य लोक सूचना अधिकारी के भार्गव के मुताबिक, देश के शीर्ष कानून अधिकारी एटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल और अन्य सरकारी कानून अधिकारी अपने आधिकारिक दौरों के दौरान सिर्फ यात्रा और रहने खाने पर आने वाले खर्च के हकदार होते हैं।

भार्गव ने बताया कि आधिकारिक यात्रा के दौरान एटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एक्जक्युटिव क्लास या फाइव स्टार ठिकानों पर ठहरने का कोई प्रावधान नहीं है।

मंत्रालय ने कहा है कि कानून और न्याय मंत्रालय के मुताबिक 18 जुलाई 2008 की अधिसूचना में एक कानून अधिकारी के अपने सरकारी कर्तव्यों के निर्वहन के क्रम में मुख्यालय से बाहर की आधिकारिक यात्रा पर जाने का प्रावधान है। इसके तहत यात्रा पर आने वाला खर्च अधिकारी को यात्रा से पहले या बाद में दिए जाने का प्रावधान है।

मंत्रालय ने यह भी कहा है कि शीर्ष कानून अधिकारियों के पद पर चयन में कोई विशेष मापदंड नहीं हैं लेकिन कानून में बैचलर डिग्री होना जरूरी है और इस पद पर वरिष्ठ वकीलों को ही नियुक्त किया जाने का प्रावधान है।

कानून मंत्रालय ने ये सूचनाएं दिल्ली के रहने वाले राजीव अग्रवाल द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचनाओं के जवाब में दी हैं।

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