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शेयर बाजारों में कारोबार का मिला जुला रूख

शेयर बाजारों में कारोबार का मिला जुला रूख

लाभ कमाने वाले सार्वजनिक उपक्रमों में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के विनिवेश तथा अर्थव्यवस्था के लिए प्रोत्साहन पैकेज जारी रखने की केंद्र की घोषणा से कलकत्ता शेयर बाजार को छोड़कर अन्य शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली। हालांकि आगामी सप्ताह में बाजार में गिरावट का रूख रह सकता है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि साल के अंतिम दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बाजार से निकासी की संभावना को देखते हुए सूचकांक में गिरावट आने की आशंका को टाला नहीं किया जा सकता है।

आलोच्य सप्ताह में बंबई शेयर बाजार में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सेंसेक्स और निफटी में दो प्रतिशत की तेजी आई।

तकनीकी तौर पर निफटी के साथ साथ वायदा एवं विकल्प खंड में सौदों की भरमार संकेत देते हैं कि बाजार में तेजी का दौर रहने की संभावना नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि चालू कैलेंडर वर्ष में अभी तक रिकार्ड निवेश करने वाले विदेशी संस्थागत निवेशक साल के आखिरी दो महीनों में मुनाफावसूली कर सकते हैं क्योंकि ये आखिरी दो महीने उनके खाता वर्ष की समाप्ति का समय है।

सप्ताह के दौरान बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स पिछले सप्ताहांत के मुकाबले 262 अंक अथवा 1.65 प्रतिशत की तेजी प्रदर्शित करता 16,158.28 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार से नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफटी 84.45 अंक अथवा 1.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,796.15 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में यह तेजी दो सप्ताहों की गिरावट के बाद आई है जिसके कारण तीन नवंबर को सूचकांक 16,000 अंक के स्तर के नीचे 15,330.56 अंक तक चला गया था सरकार को बाजार में जान डालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। केंद्र ने यह घोषणा की कि एक वर्ष पहले दिये गये वित्तीय पैकेज को वापस नहीं लिया जायेगा।

बाजार नियामक सेबी के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू कैलेंडर वर्ष में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अभी तक 69 अरब डालर से अधिक का निवेश किया है।

सरकार ने कहा है कि अर्थव्यवस्था के लिए प्रोत्साहन पैकेज जारी रहेगा और पूंजी के अंत:प्रवाह पर कोई रोक नहीं होगा। दूसरी ओर योजना आयोग ने आक्रामक ढंग से विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय किया है और कहा है कि सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी के विनिवेश से प्राप्त होने वाली आय का इस्तेमाल नयी निवेश परियोजनाओं के लिए किया जायेगा।

सरकार के बयानों के बाद बाजार में पांच नवंबर को भारी तेजी आई। इसके कारण सेंसेक्स में पांच महीनों में किसी एक दिन की सबसे अधिक तेजी देखने को मिली। सोमवार को करीब छह प्रतिशत लुढ़कने के बाद भारत की निजी क्षेत्र की विशालतम कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सप्ताहांत में 1.32 प्रतिशत की तेजी आई।

सेंसेक्स आधारित शेयरों में से भारती एयरटेल में 9.40 प्रतिशत, जयप्रकाश एसोसिएटस में 8.40 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 7.49 प्रतिशत, टाटा स्टील में 5.96 प्रतिशत, स्टरलाइट इंड में 4.21 प्रतिशत, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा में 5.29 प्रतिशत, मारूति सुजुकी में 5.01 प्रतिशत और रिलायंस इंफ्रा में 3.20 प्रतिशत की तेजी आई।

दूसरी ओर टाटा पावर में 5.34 प्रतिशत, एसीसी में 4.16 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनीलीवर में 3.52 प्रतिशत और हीरो होंडा में 2.29 प्रतिशत की गिरावट आई।

उधर, कलकत्ता शेयर बाजार में उतार चढ़ाव से भरे समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सूचकांक में 1,262 अंकों की गिरावट आई। इससे पहले सप्ताह सेंसेक्स में 423.74 अंकों की गिरावट आई थी। सप्ताहांत में सेंसेक्स हानि प्रदर्शित करता 5,879.11 अंक पर बंद हुआ।

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