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सप्ताह के व्रत-त्योहार (8 से 14 नवम्बर, 2009)

8 नवम्बर (रविवार) को मध्याह्न 12 बजकर 32 मिनट से रात्रि 11 बजकर 30 मिनट तक भद्रा। रवि षष्ठी।
9 नवम्बर (सोमवार) को कालाष्टमी। श्री महाकाल भैरवाष्टमी। श्री महाकाल भैरव जयंती। सायंकाल अष्टमी में श्री भैरवजी का दर्शन पूजन। भैरव उत्पत्ति। प्रथमाष्टमी (उड़ीसा)।
कालाष्टमी : शिव रहस्य के अनुसार, मार्गशीर्ष कृष्णाष्टमी को कालाष्टमी का कृत्य किया जाता है। इस दिन उपवास करके रात्रि में जागरण करें तो सब पाप दूर हो जाते हैं और व्रती शैव बन जाता है।
11 नवम्बर (बुधवार) को सायं 5 बजकर 51 मिनट से रात्रि 5 बजकर 1 मिनट तक (भद्रा)। दशमी तिथि क्षय।
12 नवम्बर (बृहस्पतिवार) को उत्पन्ना एकादशी व्रत स्मार्तो का। वैतरणी व्रत।
उत्पन्ना एकादशी : व्रती प्रात:काल स्नान आदि के उपरांत संकल्प करके उपवास करे। इस व्रत से संकटों का निवारण होता और अभीष्ट सिद्धि होती है।
13 नवम्बर (शुक्रवार) को उत्पन्ना एकादशी व्रत वैष्णवों का।
14 नवम्बर (शनिवार) को शनि प्रदोष व्रत। पं. जवाहर लाल नेहरू जन्म दिवस। बाल दिवस।
प्रदोष व्रत : इस दिन व्रती प्रात:काल स्नान आदि करके दिनभर भगवान शिवजी का स्मरण रखें तथा सूर्यास्त से पहले पुन: स्नान करके प्रदोष के समय भगवान शिवजी की पूजा करें तो इच्छानुसार फल की प्राप्ति होती है।

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  • Web Title:सप्ताह के व्रत-त्योहार (8 से 14 नवम्बर, 2009)