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चीनी और आलू के बाद अब रोटी पर भी संकट

चीनी, गुड़, दाल और आलू के बाद अब गेहूँ ने भी रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। सरकारी गोदाम गेहूँ से लबालब भरे हैं, लेकिन खुले बाजार में गेहूँ की आमद कम होने से गेहूँ के भाव तेजी से चढ़ने लगे हैं। केन्द्रीय कृषि मंत्री शरद पवार और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के महँगाई अभी और बढ़ने सम्बंधी ताजा बयानों के चलते सटोरिये और जमाखोर आढ़ती भी सतर्क हो गए। जो माल गोदामों में दबा हुआ है, बाजार में उसकी निकासी अब और सुस्त हो चली है। अब मण्डियों में गेहूँ का संकट बढ़ने लगा है।

गरीब तबके को अब रोटी भी रुलाएगी। इस वक्त खुले बाजार में साधारण गेहूँ 15 रूपए किलो से ऊपर चल रहा है। आर्शीवाद मार्का ब्राण्डेड पैक आटा 22 रूपए किलो के भाव बिक रहा है। जानकार कहते हैं कि वह दिन अब दूर नहीं जब खुदरा बाजार में गेहूँ 20 रूपए किलो के भाव बिकेगा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के मंत्री और जिन्सों के प्रमुख आढ़ती राजेन्द्र कुमार अग्रवाल कहते हैं कि जिन पर महँगाई रोकने का जिम्मा है वही महँगाई और बढ़ने का बयान दे रहे हैं, तो फिर आखिर महँगाई रूके भी तो कैसे?

लखनऊ आटा मैदा सूजी व्यापार मण्डल के अध्यक्ष तेजराम अग्रवाल का सुझाव है कि केन्द्र सरकार को चाहिए कि वह अपने गले तक भरे बफर स्टॉक से खुदरा बाजार, जन वितरण प्रणाली और आटा चक्की व फ्लोर मिलों के लिए गेहूँ तत्काल जारी करे। श्री अग्रवाल के अनुसार दो माह पहले केन्द्र सरकार ने घोषणा की थी कि वह 50 लाख टन गेहूँ और चावल खुले बाजार में जारी करेगा लेकिन आज तक इस बाबत न तो केन्द्र ने अपनी नीति घोषित की और न ही दरें।

केंद्र सरकार ने यदि जल्द कुछ ठोस कदम नहीं उठाए तो अगले एक महीने के भीतर पंजाब व हरियाणा के बाद गेहूँ के सबसे बड़े उत्पादक यूपी में भी रोटी के लाले पड़ सकते हैं। पिछले सीजन में गेहूँ की अच्छी फसल होने पर केन्द्र सरकार ने 1080 रूपए प्रति कुन्तल का समर्थन मूल्य तय किया था। इसके बाद केन्द्र व राज्य सरकार की एजेंसियों ने अपने बफर स्टॉक के लिए बड़ी तादाद में गेहूँ की खरीद की थी।

प्रदेश के खाद्य आयुक्त किशन सिंह अटोरिया का कहना है कि रबी की पिछली फसल में यूपी से सरकारी समर्थन मूल्य पर कुल 34 लाख 14 हजार मी.टन गेहूँ की खरीद हुई थी। उन्होंने बताया कि जनवितरण प्रणाली के लिए फिलहाल स्टेट पूल में गेहूँ है, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरण किया जा रहा है। रही बात खुदरा बाजार की तो इसके लिए केन्द्र सरकार से ही माँग के मुताबिक गेहूँ जारी होता रहा है। श्री अटोरिया ने कहा कि अगर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए स्टेट पूल में कमी आएगी तो प्रदेश सरकार केन्द्र से अतिरिक्त गेहूँ देने की माँग कर सकती है।

खुदरा बाजार में गेहूँ और आटा के भाव
जिन्स   सितम्बर 09     नवम्बर 09
गेहूँ     11 रू.          15 रू.
आटा    13 रू.          16 रू.
मैदा     14 रू.          18 रू.
सूजी    16 रू.           20 रू.
दर प्रति किलो में

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