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हो सकता है स्कूली बच्चों के साथ हादसा

दिल्ली की तरह यहां के स्कूली बच्चों की भी जान खतरे में हैं। जिस तरह शनिवार को बच्चों से भरी कैब एक बस से टकरा गई। प्रशासन की लापरवाही से ऐसी नौबत यहां भी कभी आ सकती है। फरीदाबाद में भी बड़ी संख्या में स्कूलों में लगे कैब गैरकानूनी तरीके से बच्चों को ढो रहे हैं। सीट से ज्यादा बच्चों को कैब में भरकर लाया जाता है। ऐसे में हादसा होने का हर दम डर बना रहता है।


दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास एक स्कूली कैब के बस से टकराने पर कैब के परखच्चे उड़ गए। इसमें सवार ग्यारह बच्चों को गंभीर चोटें आईं। फरीदाबाद के स्कूलों में बस के साथ अवैध रुप से कैब बच्चों को ढोने में लगे हैं। कैब चालक पैसे की बचत के लिए तादात से ज्यादा बच्चों भर लेते हैं। मारुति वैन की सीटें निकालकर उसमें लकड़ी के फट्टे डाल दिए जते हैं। छह सवारियों वाली मारुति वैन में बीस से पच्चीस बच्चाे भर लिए जाते हैं। खुलेआम जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन कैब संचालकों पर पुलिस व ट्रांसपोर्ट विभाग भी मेहरबान है। आरोप है कि इसके खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं। स्कूल संचालक भी इसे लेकर गंभीर नहीं। सुबह और दोपहर को मारुति वैन की तरह आटो व साइकिल रिक्शों का भी यही नजरा रहता है।
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राजकुमार, एसीपी ट्रैफिक: तादात से ज्यादा बच्चों अथवा सवारियों को ढोने वाली कैबों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। बच्चों को लाने-लेजाने के लिए अलग से कोई लाइसेंस नहीं है। जो स्कूलों में कैब लगी हैं। उनमें ज्यादातर नियम विरुद्ध हैं।
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कैलाश शर्मा, अभिभावक एकता मंच: कैब संचालक व स्कूल संचालक बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। अभिभावक भी लापरवाही बरत रहे हैं। इस गंभीर मसले को जल्द ही अभिभावक एकता मंच उठाएगए।
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कैब के नियम
- ट्रांसपोर्ट विभाग से कमर्शियल लाइसेंस जारी किया जाता है
- वाहन के अनुसार सवारियों की संख्या तय होती हैं
- कैब चालक प्रशिक्षित व कमर्शियल लाइसेंसधारी होना अवश्यक
- स्कूल में लगी कैबों में चालक के साथ हेल्पर होना अवश्यक
- चालक वर्दी में होना जरुरी
- तादात से ज्यादा बच्चों को कैब में बैठाना गैरकानूनी
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कैबों की मौजूदा स्थिति
- तादात से ज्यादा बच्चों को ढ़ो रहे हैं
- छह सीटों वाली मारुति वैन में 20 से 25 बच्चें भरे जाते हैं
- एक बच्चों से तीन सौ से पांच सौ के बीच लिया जाता है किराया
- हर महीने एक गाड़ी दस से पंद्रह हजार का कारोबार करती है
- बिना कमर्शियल लाइसेंस के ही चला रहें हैं कैब
- आटो व साइकिल रिक्श चालक भी इस धंधे में शामिल
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चालान
- 1 जनवरी 09 से 31 अक्टूबर 09 के बीच ऐसे वाहनों के करीब 570 चालान किए गए
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शहर में स्कूलों की संख्या
- 75 सीनियर सेकण्डरी स्कूल
- 75 प्राइमरी व मिडिल स्कूल
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प्रमुख घटनाएं
- बल्लभगढ़ में स्कूली बच्चों को ले जा रहे एक ऑटो के पलटने से एक दर्जन बच्चों घायल
- नहरपार भुपानी के पास स्कूली कैब गड्ढे में गिरने से कई बच्चों चोटिल हो गए थे

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