DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कोहरे ने दी दस्तक, सांस रोगी रहें सावधान

धुंध बढ़ने के साथ ही सांस रोगियों की परेशानी भी बढ़ गई है। डाक्टरों का कहना है कि शनिवार को अचानक मौसम खराब होना अस्थमा के मरीजों के लिए ठीक नहीं है। इतना ही नहीं आम व्यक्ति भी इसका शिकार हो जाता है। हवा में भारीपन होने के कारण नाक, कान गले के में सबसे पहले इंफ्रेक्शन होता है। जिससे सांस लेने मे दिक्कत हो जाती है।


जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. रामेंद्र का कहना है कि कोहरा बढ़ने के साथ उनके पास हृदय रोगियों की संख्या बढ़ जाती है। शनिवार को भारी धूंध होने के कारण पहले से अस्थमा के मरीजों को दिक्कत हुई। ठीक प्रकार से सांस न लेने के कारण उनकी हार्ट बीट पर भी प्रभाव पड़ा। डा. रामेंद्र की माने तो इन दिनों सांस के मरीजों को सावधान रहना होगा। भारी धूंध के कारण धूंआ व वातावरण में मौजूद कई प्रकार की गैसों को पार्टिकल ऊपर उठने के बजाय नीचे ही रह जाते हैं। औस में भीगने के कारण यह भारी हो जाते व जमीन की सतह पर धीरे धीरे आने लगते हैं। इस बीच व्यक्ति से सांस लेने पर यह कण उसकी नांक के जरिए फेंफडों में पहुंच जाते हैं व तुरंत ही इंफ्रेक्शन कर देते हैं। जिसके कारण व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। तुरंत ही मरीज को पफ या नोबीलाइजर का सहारा लेना पड़ता है। सांस लेने में हो रही दिक्कत का सीधा असर हार्ट पर पड़ता है। जिससे हार्ट अटैक होने के प्रबलता अधिक हो जाती है।


उनके मुताबिक उनके पास हृदय रोग से संबंधित रोजाना 100 से अधिक मरीज आते हैं। धूंध व कोहरा बढ़ने से मरीजों की संख्या में तीस से चालीस फीसदी की बढ़त हो जाती है। वर्तमान समय से सबसे ज्यादा मरीज सीजनल अस्थमा को होते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:कोहरे ने दी दस्तक, सांस रोगी रहें सावधान