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'करो या मरो' की जंग में उतरेगा भारत

'करो या मरो' की जंग में उतरेगा भारत

भारत विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार को नेहरू स्टेडियम में होने वाले छठे वनडे क्रिकेट मैच में करो या मरो की जंग खेलने उतरेगा। भारत को सात मैचों की सीरीज में 2-3 से पिछड़ने के बाद खुद को मुकाबले में बनाए रखने के लिए हर हाल में यह मैच जीतना होगा। यदि चोटिल आस्ट्रेलिया यह मैच भी जीतने में सफल रहा तो सीरीज उसके नाम हो जाएगी।

भारत हैदराबाद में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की 175 रन की ऐतिहासिक पारी के बावजूद मात्र तीन रन से पांचवां वनडे हार गया था। भारत उससे पहले वडोदरा में सीरीज का पहला वनडे भी सिर्फ चार रन से हारा था। भारत की ये दो नजदीकी पराजय काफी पीड़ा पहुंचाने वाली हैं क्योंकि दोनों ही मैचों में भारत ने जीत के करीब आकर हार को गले लगाया।

भारत और आस्ट्रेलिया की टीमें लगातार पांच मैच दिनरात्रि के खेलने के बाद छठे वनडे में पूरे सूरज की रोशनी में खेलने उतरेगी। दिन में होने वाले इस मैच में टॉस की भी बड़ी अहम भूमिका रहेगी क्योंकि यह सुबह कोहरे जैसी स्थिति रहती है और शाम जल्दी ढल जाती है।

भारत और आस्ट्रेलिया गुवाहाटी के नेहरू स्टेडियम में पहली बार एक दूसरे के आमने सामने होंगे। भारत ने यहां अपने दस मैचों में से पांच जीते हैं, तीन हारे हैं और दो मैच रद्द रहे हैं जबकि आस्ट्रेलिया ने इस मैदान में दो मैच खेले हैं। उसे 1996 में दक्षिण अफ्रीका से हार का सामना करना पड़ा था और उसने 2003 में न्यूजीलैंड को हराया था।

गत वर्ष 29 नवंबर को यहां भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे खेला जाना था लेकिन 26 नवंबर के मुंबई हमले के कारण इंग्लैंड की टीम अपना दौरा अधूरा छोड़कर स्वदेश लौट गई थी जिससे वह मैच रद्द हो गया था। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच छठे वनडे को लेकर जबर्दस्त उत्साह है और इस मैच के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैदराबाद में मिली तीन रन की हार से निराश जरूर हैं लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि टीम शेष दो मैचों में वापसी करेगी। धोनी के लिए टीम इंडिया के बल्लेबाजी और गेंदबाजी प्रदर्शन में उतार चढा़व आत्ममंथन का विषय बन गया है। उनकी दिक्कत यही है कि टीम की दोनों इकाइयां एक साथ काम नहीं कर रही हैं।

गेंदबाज चलते हैं तो बल्लेबाज गड़बड़ करते हैं और बल्लेबाजी ठीक रहती है तो गेंदबाजी गड़बडा़ जाती है। हैदराबाद में भारतीय तेज गेंदबाजों ने खुले हाथों से रन लुटाए थे। सीरीज में पहली बार खेले मुनाफ पटेल ने खासा निराश किया था। अब यह देखना होगा कि धोनी का मुनाफ पर भरोसा कायम रहता है या फिर वह ईशांत शर्मा को वापस बुलाते हैं।

टीम में किसी और परिवर्तन की संभावना तो नहीं दिखाई देती है। हां यह बात जरूर है कि धोनी पांचवें वनडे के बाद ओपनर वीरेन्द्र सहवाग को यह ताकीद जरूर दे चुके होंगे कि वह अपनी अनावश्यक आक्रामकता पर अंकुश लगाए और लंबे पारी खेलने की कोशिश करें।

दिल्ली में मैच विजयी पारी खेलने के बाद मोहाली और हैदराबाद में सस्ते में आउट हुए युवराज सिंह के लिए यह मैदान भाग्यशाली हो सकता है क्योंकि इस ग्राउंड पर दो मैचों में 133 रन बनाकर वह सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। भारत को मध्यक्रम में युवराज के चलने की सख्त जरूरत है क्योंकि मध्यक्रम में उनकी नाकामी भारत को काफी भारी पड़ती है।

गुवाहाटी के दर्शक चाहेंगे कि सचिन ने जैसा तूफान हैदराबाद में मचाया था उसे वह यहां भी बरकरार रखें। सचिन इस मैच में अपने 30000 हजार अंतरराष्ट्रीय रन भी पूरे कर सकते हैं। लेकिन भारत की निगाहें इस मैच में व्यक्तिगत रिकार्डों से ज्यादा सीरीज में बराबरी हासिल करने पर लगी होंगी। लेकिन इसके लिए टीम को एक ईकाई के रूप में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

दूसरी तरफ आस्ट्रेलियाई टीम अपने कई खिलाड़ियों के चोटिल होकर सीरीज से बाहर हो जाने के बावजूद लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उसने पिछले दो मैच जीतकर दिखाया है कि भारतीय टीम में उसके खिलाड़ियों की चोटों के कारण उसे हल्के में लेने की गंभीर भूल की।

आस्ट्रेलिया का टाप आर्डर इस समय जबर्दस्त फार्म में है। शान मार्श, शेन वाटसन, कप्तान रिकी पोंटिंग, माइक हसी और कैमरून व्हाइट सभी ने हैदराबाद में जमकर रन बटोरे थे। भारतीय गेंदबाजों को इन्हें रोकने के लिए विशेष रणनीति बनानी होगी।

आस्ट्रेलियाई गेंदबाजी में मिशेल जानसन, डग बोलिंगर, बेन हिल्फेनहास और क्लायंट मैके कप्तान पोंटिंग को कोई कमी महसूस नहीं होने दे रहे हैं। आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने हैदराबाद में निर्णायक क्षणों में जिस धैर्य के साथ गेंदबाजी की थी उससे उनका पलड़ा भारतीय गेंदबाजी के मुकाबले मजबूत नजर आता है।

यह मुकाबला दोनों टीमों के धैर्य और संकल्प की परीक्षा लेगा। भारत ने अपनी पिछली छह द्विपक्षीय सीरीज जीती हैं और उसे इस रिकार्ड को बनाए रखने के लिए गुवाहाटी में जीत हासिल करनी जरूरी है ताकि वह सातवें मैच में अंतिम फैसले के लिए उतर सके।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं-
भारतः महेंद्र सिंह धोनी, गौतम गंभीर, सचिन तेंदुलकर, वीरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, विराट कोहली, प्रवीण कुमार, अमित मिश्रा, आशीष नेहरा, सुरेश रैना, ईशांत शर्मा, रवीन्द्र जडेजा, मुनाफ पटेल, सुदीप त्यागी और हरभजन सिंह।
आस्ट्रेलियाः रिकी पोंटिंग, माइकल हसी, शेन मार्श, शेन वाटसन, ग्राहम मैनू, कैमरून व्हाइट, नाथन हारित्ज, जेम्स होप्स, मिशेल जानसन, डग बोलिंगर, जान हालैंड, बेन हिलफेनहास और एडम वोजेस।

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