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पंचायत प्रतिनिधियों का होगा प्रशिक्षण

सूबे के पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने की कवायद शुरू हो गई। नौ प्रशिक्षण संस्थानों को पुनर्जीवित करने के बाद अब सरकार ने सभी जिलों में 1898 रिसोर्स पर्सर्न्स का चयन कर लिया है। सब कुछ ठीकठाक रहा तो इसी माह से पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू कर दिया जाएगा। अगले वर्ष के जून माह तक इसे पूरा कर लेने का लक्ष्य सरकार ने तय किया है।
पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम है। इससे सभी 8463 पंचायतों के मुखिया, 115876 वार्ड सदस्य, 11700 पंचायत समिति सदस्य और 1162 जिला परिषद सदस्यों को लाभ होगा। उन्हें अपने अधिकार के साथ कर्तव्यों की भी जानकारी हो जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें पंचायती राज से जुड़े कानूनों के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। इसके लिए सूबे के नौ पंचायत प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रचार्यो और व्याख्याताओं की नियुक्ति पहले ही कर दी गई है। वर्षो से मृत पड़े इन केन्द्रों में उपस्करों की भी व्यवस्था की जा चुकी है।
     
पंचायती राज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के लगभग सवा दो लाख पंचायत प्रतिनिधियों को ट्रेंड करना है। पटना, मुजफ्फरपुर, गया, पूर्णियां, मुंगेर, भागलपुर, दरभंगा, सहरसा और सारण स्थित पंचायत प्रशिक्षण केन्द्रों में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों को  प्राचार्य और व्याख्याता नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों को ही जिलास्तरीय मास्टर रिसोर्स परसन का चयन करना था जो पूरा हो गया। उनके प्रशिक्षण का काम भी पूरा हो गया। अब जल्द ही पंचायत प्रतिनिधियों के प्रशिक्षण की शुरुआत की जाएगी। प्रशिक्षण स्थल के लिए भवन के चयन की जिम्मेदारी भी प्राचार्य और व्याख्याताओं को ही दी गई है।

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