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मिनिस्टीरियल कर्मियों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन टाला

शासन से वार्ता के बाद मिनिस्टीरियल कर्मचारियों ने स्थापना दिवस से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल दो माह के लिए स्थगित कर दी। वार्ता में प्रमुख सचिव (मुख्यमंत्री) सुभाष कुमार व शत्रुघ्न सिंह ने तीन बिंदुओं पर सहमति जताते हुए उनके प्रकरणों को वेतन विसंगति समिति के समक्ष रखे जाने का आश्वासन दिया। 

शनिवार को सचिवालय में मिनिस्टीरियल कर्मचारियों की मांगों के संबंध में दिए गए आंदोलन नोटिस के क्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुभाष कुमार की अध्यक्षता में वार्ता हुई। बैठक में मिनिस्टीरियल संवर्ग के वेतनमान 4500-7000 को केंद्रीय मिनिस्टीरियल कर्मियों के समान वेतनमान 5000-8000 में उच्चीकृत करते हुए ग्रेड पे 4200 रुपए दिए जाने, वेतनमान 5000-8000 व  5500 -9000 का आमेलन करते हुए वेतनमान 7450-11500 ग्रेड पे रुपए 4600 व वेतनमान 6500-10500 को उच्चीकृत करते हुए वेतनमान 7500-12000 व ग्रेड पे 4800 दिए जाने का मामला भी वेतन विसंगति समिति को संदर्भित किए जाने पर सहमति बनी। 

यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार से जारी सुनिश्चित वित्तीय स्तरोन्नयन के संबंध में 28 फरवरी, 09 को जारी जीओ को इसी संदर्भ में केंद्र की ओर से 19 मई, 09 को एमएसीपी संबंधी निर्देश के अनुरूप पुन परीक्षण कर जरूरी संशोधन की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद मिनिस्टीरियल फेडरेशन ने 9 नवंबर से अपनी प्रदेश व्यापी प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल खत्म करने का आश्वासन दिया।

इस संबंध में फेडरेशन के प्रदेश प्रवक्ता सुभाष देवलियाल ने बताया कि प्रस्तावित हड़ताल दो माह के लिए स्थगित की गई है। यदि इस दौरान समझौते के अनुसार निर्णय नहीं होता तो बिना किसी नोटिस के अनिश्चिकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। वार्ता में प्रमुख सचिव (कार्मिक व मुख्यमंत्री) शत्रुघ्न सिंह व आयुक्त गढ़वाल उमाकांत पंवार मौजूद थे। जबकि मिनिस्टीरियल फेडरेशन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष टीएस पुंडीर, महामंत्री सुनील कोठारी, शेखरानंद रतूड़ी, भगवान सिंह रावत, जयप्रकाश सकलानी, आरपी जुयाल, पूर्णानंद नौटियाल बलवीर सिंह रावत आदि थे।

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