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मराठी मानूस पर नहीं की टिप्पणीः ठाकरे

मराठी मानूस पर नहीं की टिप्पणीः ठाकरे

शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना में प्रकाशित उस संपादकीय से खुद को अलग कर लिया जिसमें विधानसभा चुनाव में पार्टी की पराजय के लिए मराठी मानूस को जिम्मेदार ठहराया गया था। इससे यह मुद्दा सामने आ गया है कि आखिर इन संपादकीयों को कौन लिखता है।

सामना के 24 अक्टूबर के अंक में कहा गया था, बाहरी लोगों ने नहीं बल्कि मराठियों ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा। मीडिया गलियारे में यह रहस्य नहीं है कि 83 वर्षीय ठाकरे के नाम पर लिखी जाने वाली संपादकीय टिप्पणी अखबार के कार्यकारी संपादक संजय राउत लिखते हैं।

शिवसेना भवन में ठाकरे ने एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मैं ऐसी बातें नहीं कह सकता। क्या हम इस तरह का लिख सकते हैं। उन्होंने तब राउत से पूछा कि संजय क्या आपने लिखा कि मराठी मानूस ने हमारी पीठ में छुरा घोंपा। राउत ने कहा कि सिर्फ यह लिखा गया था कि मराठी मतदाताओं ने शिवसेना से मुंह फेर लिया। यह पहला मौका नहीं है जब यह मुद्दा उठा है कि ये संपादकीय कौन लिखता है।

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