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दो टूक (7 नवंबर, 2009)

खेल के बड़े आयोजन शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और आबोहवा सुधारने का अवसर देते हैं। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम चल ही रहा था कि खेलों की सुरक्षा पर चिंता जताई जाने लगी। आयोजकों ने न केवल यह विश्वास दिलाया कि सब कुछ समय रहते पूरा कर लिया जाएगा बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा की भी व्यापक योजना बना ली। अब आशंका जताई जा रही है कि राजधानी में वायु प्रदूषण से खिलाड़ियों का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है और कुछ देश हाथ खींच सकते हैं। आयोजकों और दिल्ली सरकार के लिए यह चुनौती नहीं बल्कि प्रदूषण कम करने का अवसर है। उम्मीद की जानी चाहिए कि इसी बहाने दिल्लीवालों के लिए भी हवा से जहर निकाल दिया जाएगा।

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  • Web Title:दो टूक (7 नवंबर, 2009)