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गाजियाबाद का टैक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर मंदी की चपेट में

एक साल से चल रही मंदी ने उद्योग की कमर तोड़ दी है। कविनगर इंडस्ट्रीयल एरिया में करीब दो हजार करोड के एक्सपोर्ट आर्डर घट गए हैं। टैक्सटाइल, फोजिर्न और इंजीनियरिंग सेक्टर को भारी घाटा हुआ है। परेशान उद्यमी छंटनी के सहारे घाटा पूरा करने में लगे हैं।

कविनगर इंडस्ट्रीयल एरिया में इंजीनियरिंग सेक्टर, टैक्सटाइल और फोजिर्न का बड़ा काम है। यहां यूरोपियन कंट्री के एक्सपोर्ट आर्डर आते हैं। बीते सालों में एक्सपोर्ट करीब पांच हजार करोड तक पहुंच गया था, लेकिन मंदी ने हालत खराब कर दी है। इस बार एक्सपोर्ट आर्डर घट गए हैं। एंडस्ट्रीयल एरिया एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद राज शर्मा बताते हैं कि उद्यमियों को करीब दो हजार करोड़ का घाटा हुआ है। एक्सपोर्ट आर्डर घटने से श्रमिकों की संख्या भी कम हो गई है। जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधन एस.एन. तिवारी मानते हैं कि मंदी का असर इंडस्ट्री पर साफ दिख रहा है। इस संबंध में उद्यमी तिवारी के पास पहुंचते हैं, लेकिन सरकारी स्तर पर कोई राहत की योजना नहीं है।

उल्लेखनीय है कि कविनगर इंडस्ट्रीयल एरिया 750 एकड़ में फैला है जिसमें 1013 छोटी-बड़ी इकाई उत्पादन करती हैं। जिनमें पचास हजार से अधिक श्रमिक थे, इनमें से दस हजार से अधिक छंटनी का शिकार हो चुके हैं जिसका प्रमुख कारण दो हजार करोड़ के एक्सपोर्ट आर्डरों का कम होना माना जा रहा है।

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  • Web Title:गाजियाबाद का टैक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर मंदी की चपेट में