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तालमेल हो जाने से बड़े जदयू नेताओं के मोहरे पीटे

भाजपा के साथ तालमेल हो जाने से जदयू 81 विधानसभा सीट में से 14 सीटों पर ही चुनाव लड़ेगा। 67 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार जदयू के समर्थन पर चुनाव लड़ेंगे। बड़े नेताओं को पकड़ कर जदयू से टिकट लेने की आस लगाए करीब एक दर्जन उम्मीदवार परेशान हैं। तालमेल में 14 सीट ही मिलने से नीतीश कुमार एवं प्रदेश जदयू अध्यक्ष जलेश्वर महतो के मोहरे भी धाराशाई हो गए हैं।

राजद से जदयू में आए अभय सिंह को पूरा भरोसा था कि नीतीश कुमार उन्हें हटिया से हरहाल में चुनाव लड़ाएंगे। काफी जद्दोजेहद के बाद भी तालमेल में हटिया सीट जदयू को नहीं मिला। लंबे समय तक भाजपा नेता अजरुन मुंडा के निजी सचिव रहे राज कुमार को गढ़वा सीट से टिकट देने का वादा कर ही जदयू में शामिल करया गया था। गढ़वा सीट  भाजपा के खाते में ही रह गया। जलेश्वर महतो के चार नजदीकी टिकट की उम्मीद में थे। खगेन महतो को ईचागढ़ और विश्वनाथ भगत को मांडर से टिकट दिलाने की कोशिश में थे। सीट जदयू को नहीं मिलने से वे सफल नहीं हो सके। प्रदेश अध्यक्ष महतो बोकारो सीट से अशोक चौधरी  तथा छतरपुर से जीतेंद्र पासवान को चुनाव लड़ाना चाह रहे थे। लेकिन केंद्रीय नेताओं  के वीटो के चलते क्रमश: शैलेंद्र महतो और सुधा चौधरी को टिकट मिला।

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