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खाता खोलने की जंग लड़ रही माकपा-मासस

विधानसभा चुनाव में मार्क्सवादी कम्युनिष्ट पार्टी एवं मार्क्सवादी समन्वय समिति खाता खोलने की जंग लड़ रही है। एकीकृत बिहार में छोटानागपुर क्षेत्र से भी माकपा के कई विधायक हुआ करते थे। राज्य गठन के बाद पार्टी एक सीट के लिए भी तरस रही है। इस बार पार्टी 11 सीटों पर किस्मत आजमा रही है। माकपा ने राजमहल से मोइउद्दीन, पाकुड़ से मो सब्बीरुद्दीन, महेशपुर से गोपिन सोरेन, बोरेयो से प्रभावती बासकी, दुमका से सुभाष हेंब्रम, महगामा से अशोक साह, झरिया से सुरेश गुप्ता को टिकट दिया है। सिल्ली से सुफल महतो, बहरागोड़ा से सपन महतो, चंदनकयारी से दुबराज दास एवं गुमला से अलोइस मिंज प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। राज्य सचिव मंडल के सदस्य प्रकाश विप्लव का कहना है कि जिन सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए गए हैं, वहां पार्टी जन मुद्दों पर लगातार आंदोलन करती रही है। झारखंड में निरसा सीट से मासस के अरुप चटर्जी ने 2000 में हुए उप चुनाव में जीत दर्ज की थी। इस सीट पर उनके पिता गुरुदास चटर्जी 1990 से 2000 तक विधायक रहे थे। उनकी हत्या के बाद हुए चुनाव में अरुप जीते थे। सिंदरी सीट से भी एकीकृत बिहार में आनंद महतो जीतते रहे हैं। वर्ष 2005 में पार्टी का कोई भी प्रत्याशी नहीं जीत सका। इस बार उन सीटों से वही एवं चंदनक्यारी से अजयलाल प्रत्याशी हैं। इसके अलावा पार्टी धनबाद से भी उम्मीदवार देगी।

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