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रीको प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच समझौता

हरियाणा में गुड़गांव जिला प्रशासन की मध्यस्थता में रीको आटो इंडस्ट्रीज लि0 के हड़ताली कर्मचारियों तथा प्रबंधन के बीच गुरुवार रात समझौता हो जाने के बाद कम्पनी में गत 21 सितम्बर से चली आ रही हड़ताल समाप्त हो गई है।

समझौते पर कर्मचारियों की ओर से प्रेम कुमार, नरेन्द्र कुमार, सुरेश कुमार, राजन कुमार पांडे, पुष्पेन्द्र सिंह राघव, रमेश कुमार तथा शशिकांत साहू ने, जबकि प्रबंधन की ओर से कंपनी के कार्यकारी निदेशक नरेश सेठी, ओ.पी. अग्रवाल, राजीव बजाज, जी.एस. बिष्ठ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानव संसाधन सुरेन्द्र सिंह चौधरी, महाप्रबंधक मानव संसाधन आर.एस. यादव तथा सहायक महाप्रबंधक प्रताप सिंह ने हस्ताक्षर किए।

रीको कंपनी के कर्मचारियों ने 13 अगस्त को प्रबंधन को मांग-पत्र दिया गया था, जिस पर सहमति नहीं बन पाने के कारण कर्मचारियों ने धीमी गति से कार्य करना आरंभ कर दिया था। इस पर कंपनी प्रबंधन ने 21 सितंबर को प्रथम पाली के 16 कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया था। इसके विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे और कम्पनी के मुख्यद्वार के समीप धरना देना शुरू कर दिया था। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर कंपनी पर ताला लगाने का प्रयास करने का आरोप लगाया था।

उधर कम्पनी प्रबंधन ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि उसने निलम्बित कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर आने से नहीं रोका, बल्कि अन्य कर्मचारी निलम्बित कर्मियों के समर्थन में हड़ताल पर चले गए थे। दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए श्रमाधिकारी, उपश्रमायुक्त सर्कल के सुमन कुंडू तथा अतिरिक्त श्रमायुक्त एम.आर. आनंद के स्तर पर कई बार बैठक हुईं, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। तत्पश्चात श्रम विभाग ने दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद को श्रम अदालत गुड़गांव भेज कर श्रमिकों की हड़ताल पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन इस पर भी कर्मचारी काम नहीं लौटे।

तत्कालीन उपायुक्त अनुराग अग्रवाल ने भी गत 19 अक्टूबर को अतिरिक्त उपायुक्त पुष्पेन्द्र चौहान की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर विवाद का समाधान करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में गुड़गांव के नए उपायुक्त राजेन्र कटारिया ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों को बातचीत के लिए राजी किया और इसी चलते कम्पनी प्रबंधन और कर्मचारियों की कल बातचीत का दौर पुनः शुरू हुआ। मध्यरात्रि के करीब दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।

कटारिया ने बताया कि कम्पनी प्रबन्धन समझौते के तहत 16 निलम्बित श्रमिकों में से आठ को ड्यूटी पर लेने को राजी हो गया है। एक कर्मचारी को वह समझौते के एक माह के पश्चात लिखित आश्वासन देने पर ड्यूटी पर लेगा शेष सात कर्मियों आरोपों की जांच रिटायर्ड न्यायिक मजिस्टेट्र से कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत कर्मचारी काम से अनुपस्थित रहने की अवधि के वेतन के पात्र नहीं होंगे।

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