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सचिन की अशरफुल को सीख सरफराज के लिए बनी संजीवनी

सचिन की अशरफुल को सीख सरफराज के लिए बनी संजीवनी

सचिन तेंदुलकर की मुंबई इंडियंस के अपने साथी मोहम्मद अशरफुल को दी गई सीख मुंबई के सरफराज खान के लिए संजीवनी बन गई। जिसके दम पर यह 12 वर्षीय बल्लेबाज स्कूली मैच की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड बनाकर रातों-रात भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा बन गया है।

सरफराज ने तीन नवंबर को मुंबई में हैरिस शील्ड अंडर-16 इंटर स्कूल टूर्नामेंट में रिजवी स्प्रिंगफील्ड स्कूल की तरफ से इंडियन एजुकेशन सोसायटी के खिलाफ 439 रन बनाकर 46 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले का रिकॉर्ड आर नागदेव के नाम पर था, जिन्होंने 1963-64 में नाबाद 427 रन बनाए थे।

क्रिकेट सरफराज के खून में बसा है। उनके पिता नौशाद खान स्वयं अच्छे खिलाड़ी रहे हैं और जब तेंदुलकर मुंबई के कप्तान थे तब इस रणजी टीम के संभावित खिलाड़ियों में भी शामिल रहे थे। नौशाद अब कोच हैं, सरफराज को भी उन्होंने ही क्रिकेट का ककहरा सिखाया लेकिन वह अपने बेटे की सफलता का श्रेय तेंदुलकर को देते हैं जिनकी एक सीख ने इस युवा भारतीय बल्लेबाज का करियर बदल दिया।
    
नौशाद ने बताया कि मैं और सरफराज भी मुंबई इंडियंस के कोचिंग सेंटर में गए थे। तेंदुलकर तब अशरफुल को शुरुआती मूवमेंट के बारे में बता रहे थे। हम उनके काफी करीब थे और और उनकी बातें गौर से सुन रहे थे। हमारी नजरें केवल तेंदुलकर पर ही टिकी थी।

बल्लेबाजी के साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी करने वाले सरफराज ने कहा कि सचिन हमेशा टीम को जरूरत पड़ने पर बेहतरीन पारी खेलते हैं। रनों का हर रिकॉर्ड उनके नाम है। क्रिकेट खेलने वाला हर बच्चा उनकी तरह बनना चाहता है और मैं भी।

रोज तीन घंटे वीटी स्थित आजाद मैदान पर क्रिकेट का अभ्यास करने वाले सरफराज को पिछले साल अंडर-14 इंटर स्कूल टूर्नामेंट में भविष्य का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर चुना गया था। अपनी आक्रामक पारी के बारे में उसने कहा कि मुझसे जो कहा जाता है, मैं वही करता हूं। टीम की जरूरत के मुताबिक खुद को ढालना जरूरी है और मैं वही कर रहा था। मैं मैदान पर बड़ी पारी खेलने के इरादे से उतरा था, हालांकि रिकॉर्ड मेरे जेहन में नहीं था।

सरफराज ने कहा कि जब मेरे 300 रन बन गए तो मुझे रिकॉर्ड के बारे में पता चला जिसके बाद मैंने 400 रन बनाने पर ध्यान लगाया और गेंद को पीटता गया।
    
हिटिंग के मामले में यूसुफ पठान के मुरीद इस क्रिकेटर ने कहा कि युसूफ जिस तरह हर गेंदबाज को पीटता है, मुझे वह बहुत पसंद है। मैं भी चाहता हूं कि एक दिन बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने रनों का अंबार लगाऊं।

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