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दो टूक (06 नवम्बर, 2009)

पहले स्वाइन फ्लू और अब डेंगू का आतंक राजधानी में लगातार बढ़ता जा रहा है। हालांकि दिल्ली सरकार ने 34 अस्पतालों में इलाज का दावा किया है, लेकिन सच्चाई वहां जाकर पता चलती है। हैरानी की बात तो यह है कि कुछेक को छोड़कर ज्यादातर अस्पतालों में डेंगू का विशेष वार्ड नहीं बनाया गया है।

मरीज भटक रहे हैं और मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों की ओर रुख कर रहे हैं। खून की जांच और प्लेटलेट्स की दुकानें चल रही हैं। यह वही सरकार है जिसने स्वाइन फ्लू फैलने पर बड़ी-बड़ी व्यवस्थाएं कर दी थीं लेकिन डेंगू को लेकर सुस्त है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देकर अधिकारी बच रहे हैं लेकिन अस्पतालों में बेहाल और बेबस मरीजों की स्थिति सच्चाई बयां कर रही है।

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  • Web Title:दो टूक (06 नवम्बर, 2009)