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खाकी की कार्रवाही पर सवालिया निशान

गांव गतौली के निकट नहर पुल पर गत रविवार रात को दिल्ली से लुधियाना जा रही पंजाब रोडवेज की बस को लूटने की साजिश रचने के मामले ने नया मोड़ मोड़ ले लिया है। गिरफ्तार किए गए युवकों के परिजनों ने पुलिस महानिदेशक से मिलकर युवकों को इस मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने पुलिस महानिदेशक से गुहार लगाई गई कि युवकों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए।

गांव शामलो कलां निवासी सतबीर ने पुलिस महानिदेशक को दी शिकायत में कहा है कि जुलाना थाना पुलिस ने उसके भाई सुशील सहित पांच लोंगों को पंजाब रोडवेज की बस को लूटने की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार किया था। जबकि , उसका लूट के मामले से कोई लेना देना नहीं है। उनका कहना है कि सुशील गांव शामलों कलां में साझेदारी में ठेका चलाए हुए है।

एक नवंबर को सुशील, सतीश व देवेंद्र के पास जींद निवासी गंलदीप व मोनू बाजरा लेने के लिए गांव शामलो कलां आए थे।  जब सुशील गांव में नहीं मिले तो दोनों सुशील से मिलने के लिए ठेके पर चले गए। इन दोनों के अलावा सुशील से मिलने के लिए गांव गांगोली निवासी सतपाल भी मिलने आया हुआ था। जब सभी सुशील से मिलने के लिए ठेके पर गए हुए थे तो जुलाना पुलिस ने उन्हें उठा लिया। जिन पर बाद में पंजाब रोडवेज बस को लूटने का मामला दर्ज करवा दिया गया। 

पुलिस रिकार्ड में लूट के मामले में युवकों को बारह बजे लूट की योजना बनाते दिखाया गया है जबकि सभी युवकों को जुलाना पुलिस ने पौने आठ बजे ही ठेके से उठा लिया था। परिजनों ने मांग की कि मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और गिरफ्तार युवकों को जल्द रिहा किया जाए।

पुलिस ने जिन युवकों को गिरफ्तार किया है, उनमें सिवानामाल निवासी सतीश, गांव शामलो कलां निवासी सुशील, गांव गांगोली निवासी सतपाल, गांव घरोठी (रोहतक) निवासी कुलदीप व गांव कमाछखेड़ा निवासी मोनू शामिल हैं।

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