DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बीमा रकम के लिए बीवी का कत्ल

चंद रुपयों के लालच में एक पति ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। उसके बाद पत्नी के बीमे की रकम पर दावा ठोक दिया। एलआईसी ने बीमे की रकम देने से मना किया तो वह फोरम पहुँच गया। फोरम ने एलआईसी के दिए तर्क पर सहमति जताते हुए उसकी पत्नी की मौत को संदिग्ध माना। फोरम ने जाँच के लिए आदेश कीकॉपी डीएम और एसएसपी को भेजी है। इसके साथ ही फोरम का समय खराब करने के एवज में पति पर ही पाँच हजार रुपए का जुर्माना कर दिया।

किसान नगर सचेण्डी के ब्रजेश कुमार ने पत्नी  अनीता (24) के नाम अक्टूबर 03 में तीस और अप्रैल 04 में 50 हजार का एलआईसी से बीमा कराया था। कुछ किस्तें जमा होने के बाद नवम्बर 04 में उसकी पत्नी की मौत हो गई। पत्नी के बीमे की रकम के लिए उसने दावा ठोका।

एलआईसी ने अपने सर्वेयर की रिपोर्ट के आधार पर एलआईसी ने यह आरोप लगाते हुए बीमा की रकम देने से इनकार कर दिया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या गला दबाकर की है। एलआईसी के मुतबिक उसने अपनी पत्नी का बीमा खुद किया था, जबकि एजेंट और बीमित व्यक्ति से संबंध के कालम में दोनों के बीच कोई भी रिश्ता न होने की बात लिखी थी। इससे साफ है कि पत्नी का बीमा करते समय उसका इरादा गलत था।

फोरम ने भी इस पर सहमति जताते हुए उसकी पत्नी की मौत को संदिग्ध माना। फोरम ने अपने आदेश में कहा कि सर्वेयर की रिपोर्ट के मुताबिक तो ब्रजेश ने गंभीर अपराध किया है। क्योंकि मौत के वक्त उसकी पत्नी को कोई बीमारी नहीं थी। अचानक हुई मौत पर उसने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही अनीता के मायके वालों को कुछ बताया और आनन-फानन में उसकी अंत्येष्टि कर दी।

आदेश के अनुसार उसका कोई रिश्तेदार पुलिस में है और अनीता के मायके वाले काफी गरीब हैं। उन्हें धमकाकर मामला दबा दिया गया। फैसला सुनाते हुए फोरम अध्यक्ष वीबी सिंह, शैलेन्द्र उत्तम और सुमनलता शर्मा ने ब्रजेश का वाद खारिज कर दिया। मामले की जाँच के लिए डीएम और एसएसपी को लिखा साथ ही फोरम का समय बरबाद करने के एवज में ब्रजेश पर पाँच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बीमा रकम के लिए बीवी का कत्ल