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आरोपितों की आजीवन कारावास की सजा रद

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपहरण एवं सामूहिक दुराचार के आरोपितों को बिजनौर के अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद करते हुए दोष मुक्त कर दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राकेश तिवारी एवं न्यायमूर्ति एके रूपनवाल की खण्डपीठ ने हेतराम व पाँच अन्य की अपील पर पारित किया है।

इन लोगों पर एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करने का आरोप था। प्राथमिकी बिजनौर के हल्दौर थाने में जुलाई, 1992 में दर्ज हुई थी।

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