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दस और जेलें होंगी आईएसओ श्रेणी में

एटा जेल की तर्ज पर यूपी की दस दूसरी जेलों को भी अपनी गुणवत्ता में सुधार करते हुए आईएसओ-9001: 2000 प्रमाण-पत्र लेने को कहा गया है। कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाओं के महानिरीक्षक सुलखान सिंह ने इस बारे में सम्बन्धित जेलों के अधीक्षकों के लिए इस बारे में निर्देश जारी कर दिए हैं। एटा जेल को यह प्रमाण-पत्र राष्ट्रीय एवं युवा शक्ति नाम के गैर सरकारी संगठन की मदद से मिला है।

यूपी की जिन जेलों को गुणवत्ता में सुधार के लिए कहा गया है उनमें केन्द्रीय कारागार आगरा, बरेली, वाराणसी, फतेहगढ़, नैनी, इलाहाबाद, आदर्श कारागार लखनऊ, मंडल जिला जेल फैजाबाद और जिला जेल कानपुर देहात, बुलंद शहर और सिद्धार्थनगर शामिल हैं। एटा जेल को यह प्रमाण-पत्र इस बिना पर मिला है कि वहां यूपी काराबार नियमावली का पूरी तरह से पालन किया गया। इस जेल में मानवाधिकार सुरक्षा, सफाई, प्रशासन, बंदियों में सुधार, उनकी निराशा को कम करना, कारागार स्टाफ के साथ टीम भावना, खेलकूद, शैक्षिक स्तर को बढ़ाना,योग, चिकित्सा और बढ़िया भोजन जैसे क्षेत्रों में अच्छा काम किया गया।

राष्ट्रीय एवं युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि एटा जेल में यह बदलाव उनकी संस्था और जेल प्रशासन की ओर से काफी समय तक किए गए प्रयासों के बाद संभव हुआ। उन्होंने बताया कि वाराणसी और बरेली जेल के अधिकारियों के साथ उनकी इस बारे में बातचीत शुरू हो गई है। आईएसओ प्रमाण गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने वाली संस्थाओं को दिया जाता है।

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