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केन्द्रीय मंत्री सुबोधकांत ठेके पर खेती के पक्ष में

केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री सुबोधकांत सहाय ने उत्तर प्रदेश में ‘कांट्रेक्ट फार्मिंग’ यानी ठेके पर खेती की वकालत की है। उन्होंने कहा कि किसानों का भला तभी होगा जब उन्हें उपज का सही मूल्य मिलेगा। सहाय ने कहा कि मूर्तियां लगवाकर मुख्यमंत्री मायावती लखनऊ को मुदरे का शहर बना रही हैं व आम लोगों की हालत भिखारियों जैसी कर रही हैं।

कांग्रेस के चुनाव प्रचार के लिए आए सहाय गुरुवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को एग्रीकल्चर प्रोडय़ूज मार्केटिंग एक्ट में संशोधन करना चाहिए। 16 राज्यों ने इस एक्ट में संशोधन कर अपने यहां ‘कांट्रेक्ट फार्मिग’ लागू की है। उन्होंने कहा कि यह कृषि पदार्थों के प्रसंस्करण का जमाना है, इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

सहाय ने मायावती सरकार पर भी हमले किए। उन्होंने कहा कि कहा कि लखनऊ में स्मारकों और मूर्तियों की हो रही बेतहाशा वृद्धि की वजह से नवाबों का यह शहर मुदरे का नगर बनता जा रहा है। गरीबों के लिए बनी कल्याणकारी योजनाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे गरीबों की हालत भिखारियों जैसी होती जा रही है। गरीबों को बीपीएल कार्ड का लाभ न मिलने के लिए उन्होंने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

सहाय ने आरोप लगाया कि मायावती सरकार ने सरकारी धन का जबरदस्त दुरुपयोग किया है। इन्हीं कारणों से कांग्रेस के प्रति लोगों का लगाव बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी के प्रति युवाओं व आम जनता का क्रेज बढ़ रहा है। सहाय ने संवाददाता सम्मेलन में मौजूद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को मायावती सरकार से लड़ने के लिए ‘झांसी की रानी’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि भाजपा अंतिम सांसे ले रही है। सहाय ने दावा किया कि झारखण्ड में कांग्रेस सरकार बनेगी।

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