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शटिंग के दौरान पटरी से उतरे कोच

गुरुवार तड़के शटिंग के दौरान तीन डिब्बे पटरी से नीचे उतर गए। पांच लाइन से दो आरडीएसओ, एक ब्रेकवाहन व एक डीएफआर कोच सिक लाइन के पास खड़ी मालगाड़ी से जोड़े जा रहे थे। पांच घंटे की मशक्कत के बाद उतरे डिब्बों को पटरी पर चढ़ाया जा सका। चार सदस्यीय जांच कमेटी ने प्रथम दृष्टया पीडब्ल्यूएस सुपरवाइजर को घटना का जिम्मेदार ठहराया है।

गुरुवार तड़के साढ़े तीन बजे उत्कल एक्सप्रेस के इंजन से पांच नम्बर लाइन पर खड़े दो आरडीएसओ, एक ब्रेकवाहन व एक डीएफआर को खींचकर सिक लाइन पर लाया जा रहा था। तभी एक आरडीएसओ, एक ब्रेकवाहन व एक डीएफआर की ट्रॉलियां पटरी से नीचे अंदर की ओर उतर गई। कोचों के डी-रेल होते ही रेलवे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सुबह सात बजे उतरे कोचों को पटरी पर चढ़ाने की कवायद आरम्भ हो पाई। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद कोच पटरी पर चढ़ पाए।

स्टेशन अधीक्षक समरेन्द्र गोस्वामी ने पटरी से उतरे कोचों की जांच के लिए यातायात निरीक्षक अजीत सिंह, सीडीओ समय सिंह, पीडब्ल्यूआई विक्रम सिंह व एसएलआई आईएस निगम की चार सदस्यीय कमेटी गठित की। जिन्होंने प्रथम दृष्टया जांच में पीडब्ल्यूएस सुपरवाइजर बोटनलाल यादव को दोषी ठहराया है।

यातायात निरीक्षक अजीत सिंह ने बताया कि पांच नम्बर लाइन पर लकड़ी के स्लीपर लगे होने से लाइन फैल गई। इसके लिये मैंटीनेंस नहीं किया गया था। उन्होने बताया कि चार सदस्यीय कमेटी तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट मुरादाबाद मंडल को भेजेगी।

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