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सार्वजनिक उपक्रमों के लिए दस प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना अनिवार्य

सार्वजनिक उपक्रमों के लिए दस प्रतिशत हिस्सेदारी बेचना अनिवार्य

मुनाफा कमाने वाले सूचीबद्ध केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) को अब कम से कम अपनी दस फीसदी हिस्सेदारी जनता के पास रखनी होगी, जबकि तीन साल तक लगातार मुनाफा कमाने वाली गैर सूचीबद्ध कंपनियों को शेयर बाजारों में सूचीबद्ध कराया जाएगा।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को यह फैसला किया। समिति की बैठक के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया कि मुनाफा कमाने वाले सार्वजनिक उपक्रमों को अब कम से कम अपनी दस प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री जनता को करनी होगी।

उन्होंने बताया कि ऐसी सभी गैर सूचीबद्ध कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध किया जाएगा, जिनकी कोई संचयी हानि नहीं है और लगातार तीन साल उन्होंने मुनाफा कमाया हो।

इस सवाल पर कि अंतत: सूचीबद्ध होने वाली गैर सूचीबद्ध कंपनियों के भी दस प्रतिशत शेयरों की सार्वजनिक बिक्री की जाएगी, चिदंबरम ने कहा कि निस्संदेह मुनाफा कमाने वाली किसी भी कंपनी में सरकार शत प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं रख सकती।

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