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आज भी नहीं बदली सफी मियां की खीर

आज भी नहीं बदली सफी मियां की खीर

खीर का नाम सुनते ही खाने के शौकीनों का मन बल्लियों उछल पड़ता है। दूध, चावल और चीनी से बनी हुई खीर विभिन्न त्योहारों का हिस्सा तो होती ही है, साथ ही घर आए मेहमानों की आवभगत के लिए यह सबसे उपयुक्त स्वीट डिश भी है। स्वाद और पौष्टिकता दोनों से भरपूर एक संपूर्ण आहार है खीर।

अगर आप खीर बनाने की पारंपरिक विधि और उसके उम्दा स्वाद को याद करते हैं या फिर उसका लुत्फ उठाने की इच्छा रखते हैं तो आपको बहुत दूर जने की जरूरत नहीं पड़ेगी।   पुरानी दिल्ली में एक ऐसी ही दुकान है, जिसका स्वाद पिछले 129 सालों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों की जुबां पर चढ़ता रहा है। सफी मियां की 129 साल पुरानी खीर की दुकान उनके दादा जी द्वारा 1880 में शुरू की गई थी। आज उनके पोते जमालुद्दीन मियां और अब्दुल दोनों भाई इस दुकान को चला रहे हैं।

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में लाल कुआं रोड के पास स्थित बाजार में दुकान नंबर-2867 के बारे में कहा जाता है कि सफी मियां की खीर का स्वाद बार-बार यहां आने को मजबूर कर देता है। जमालुद्दीन मियां और अब्दुल कयीम के शब्दों में कहें तो, ‘यह हमारी खानदानी खीर की दुकान है। खीर अभी भी पुरानी विधि से ही बनाई जाती है, जिसमें काफी मेहनत लगती है। हमारे यहां शादी-ब्याह व अन्य आयोजनों के लिए स्पेशल ऑर्डर पर भी इसे तैयार किया जता है।’ समय के साथ खीर बनाने के ढंग में आए बदलावों के बारे में वे कहते हैं, ‘पहले खीर बनाने के लिए अपने घर की ही गायों का दूध इस्तेमाल किया जता था, पर अब स्थान की कमी के कारण दूध गाजियाबाद और गाजीपुर से मंगवाया जाता है।’ सफी मियां की दुकान सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहती है। नियमित रूप से यहां की खीर का स्वाद लेने वाले रविंद्र चड्ढा के अनुसार, ‘सफी मियां की खीर वाकई लाजवाब है। कुछ खास अवसरों पर मैं यहीं से घर के लिए खीर ले जाता हूं। स्वाद तो भरपूर है ही, साथ ही शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।

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