DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

एनपीटी पर साइन करे भारतः अमेरिका व ईयू

एनपीटी पर साइन करे भारतः अमेरिका व ईयू

एनपीटी मुद्दे पर भारत के उपर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका और यूरोपीय संघ ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर भारत सहित हस्ताक्षर नहीं करने वाले सभी देशों से दस्तखत करने को कहा है। भारत इस संधि को भेदभाव पूर्ण बताते हुए हस्ताक्षर करने से इनकार कर चुका है।

अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भारत समेत इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों से इस पर मुहर लगाने को कहा है ताकि परमाणु हथियार रहित राज्य के लक्ष्य को सार्वभौमिक स्तर पर हासिल किया जा सके। यह आहवान अमेरिका यूरोपीय संघ 2009 शिखर सम्मेलन के समापन अवसर पर जारी संयुक्त घोषणापत्र में किया गया।

इस आहवान से एक माह पूर्व संरा सुरक्षा परिषद में अमेरिका द्वारा प्रायोजित एक प्रस्ताव में सभी देशों से एनपीटी पर हस्ताक्षर करने और समग्र परीक्षण निषेध संधि (सीटीबीटी) का अनुमोदन करने का कहा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नेतृत्व में सुरक्षा परिषद के सत्र में पारित प्रस्ताव को भारत ने गंभीरता से नहीं लिया। भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किया है जो एनपीटी के मानकों को अस्वीकार्य, भेदभावपूर्ण और पूरी तरह से अनुचित मानता है।

अमेरिका और यूरोपीय संघ ने कहा कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) अप्रसार, नि:शस्त्रीकरण और शांतिपूर्ण उपयोगों जैसे तीन परस्पर मजबूत करने वाले स्तंभों पर आधारित है। अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता बरकरार रखने और उसे मजबूत करने के लिए यह एक विशिष्ट और अतुलनीय रूपरेखा है।

व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) को जल्द से जल्द लागू करने और परमाणु परीक्षणों पर रोक को जारी रखने के प्रति समर्थन जताते हुए घोषणा में विखंडनीय पदार्थ कटौती संधि (एफएमसीटी) के लिए तुरंत बातचीत शुरू करने पर जोर दिया गया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:एनपीटी पर साइन करे भारतः अमेरिका व ईयू