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26/11 के दौरान आकाओं ने बढ़ाया था मनोबल

26/11 के दौरान आकाओं ने बढ़ाया था मनोबल

मुंबई पर 26/11 के हमले की साजिश रचने वाले पाकिस्तान स्थित साजिशकर्ताओं ने उस हमलावर के मनोबल को बढ़ाने की कोशिश की थी जो नरीमन हाउस में सशस्त्र बलों का दो दिन तक सामना करते हुए थक चुका था और तनावग्रस्त था। गौरतलब है कि ये साजिशकर्ता मुंबई हमलों के दौरान आतंकवादियों के साथ लगातार संपर्क में थे।

यह बात अदालत में उन सीडी के जरिए सामने आई जिनमें हमलावरों और पाकिस्तान स्थित उनके आकाओं के बीच बातचीत को दर्ज किया गया था। एक बातचीत में आतंकवादी बाबर इमरान अपने पाकिस्तानी आका से कहता है कि एक अन्य आतंकवादी अबु उमर को तनाव और थकान हो गई है और वह बैचेन हो गया है। इसलिए इमरान ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया है।

इसके बाद आका इमरान से कहता है कि वह उमर को सेल फोन दे ताकि वह सशस्त्र बलों से लड़ने के लिए उसका मनोबल बढ़ा सके। पाकिस्तानी आका इसके बाद उमर से कहता है कि क्या उसने नमाज पढ़ी है। इसके अलावा वह यह भी पूछता है कि क्या उसने अपने निशानों पर गोलियां चलाई। उसने उमर को यह भी याद दिलाया कि उसे शेर की तरह लड़ना है। उसने कहा कि अगर सशस्त्र बलों की हरकत दिखाई दे तो तुम गोली चलाओ। उमर ने उसे आश्वासन दिया कि वह उसके निर्देशों का पालन करेगा।

इमरान से बंधकों की हत्या करने के बारे में सवाल करने पर उसने अपने आका को बताया कि वह उनकी कॉल का इंतजार कर रहा था। इसके बाद इमरान के आका ने उसे कहा कि वह बंधकों की हत्या के लिए आजाद है। इसके बाद इमरान अपनी गन से गोली चलाता है (जिसकी आवाज टेलीफोन पर सुनाई देती है)।

इसके बाद इमरान के आका ने उससे पूछा कि उसने एक बंधक की हत्या की है या दो की, जिसके जवाब में इमरान ने कहा कि उसने एक बंधक की हत्या की है और उमर ने दूसरे बंधक को गोली मार दी है। एक आतंकवादी इमरान बब्बर ने एक पत्रकार से बातचीत में दावा किया कि वह हैदराबाद (दक्कन) से है, पाकिस्तान से नहीं।

बब्बर ने पत्रकार से यह भी कहा कि वह इस बात से हताश है कि केसरिया पार्टी की सरकार अल्पसंख्यक समुदाय का दमन करने की कोशिश कर रही है। उसने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने उसके साथ सांठ गांठ कर पिछले साल मालेगांव में विस्फोट कराए। बब्बर ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस्राइल के साथ मिलकर अल्पसंख्यक समुदाय पर जुल्म कर रही है।

इसी आतंकवादी के साथ बातचीत में एक अन्य पाकिस्तानी आका उसे सलाह देता है कि वह मीडिया से यह कहे कि वह हैदराबाद के दक्कन से है, पाकिस्तान से नहीं। इन हमलों में एकमात्र जीवित गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब और दो भारतीय फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद पर आतंकवादी हमलों में 166 लोगों की हत्या के आरोप में मुकदमा चल रहा है।

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