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पीठदर्द-2

कल आपने पढ़ा पीठदर्द समस्या के कारण और इलाज के बारे में। आज पढ़ें आगे।

ठंडा-गरम इलाज : अगर गर्म के बजाय ठंडे उपचार से अधिक आराम मिले तो वही उपचार करते रहें। चाहें तो ठंडा और गर्म उपचार अदल-बदल कर भी कर सकते हैं।

मालिश के गुण
: पीठ की कड़ी पेशियों की शांति के लिए हल्की मालिश भी करा सकते हैं। मालिश के वक्त कमरे का तापमान अनुकूल, बिस्तर आरामदेह व मालिश हल्के हाथ से हो।

बैलाडोना प्लास्टर : अगर दर्द वाली जगह की चमड़ी ठीक है तो उस पर बैलाडोना प्लास्टर लगा सकते हैं। इसे चार-पांच दिन तक लगे रहने दें। इससे पेशियों के बीच सूजन घटने में मदद मिलेगी और दर्द में भी आराम महसूस होगा, लेकिन ध्यान रहे कि कहीं एलर्जी के दाने न निकल आएं। कुछ लोगों की त्वचा बैलाडोना प्लास्टर को सहन नहीं कर पाती। अगर टेप के सिरों पर लाली दिखाई दे तो उसे हटा दें।

घर पर ट्रैक्शन : मेरुदंड के निचले हिस्से को खींचकर इस क्षेत्र की इंटर वर्टिब्रल डिस्कों पर से दबाव घटाने के लिए घर पर भी ट्रैक्शन लिया जा सकता है। इसके लिए पीठ के बल फर्श पर लेट जाएं। कोई आपके पैरों को टखनों से पकड़ कर उठाए, थोड़ा पीछे झुकें और अपनी टांगों को सावधानी से झुलाएं। कमर के निचले हिस्से या टांग के पीछे के दर्द में इससे आराम मिलेगा। अपनी शारीरिक मुद्रा के प्रति सावधान रहें। ऐसे काम न करें जिनसे पीठ दर्द शुरू हुआ था। आगे-पीछे की ओर झुकना या मुड़ना दर्द दे सकता है। भारी चीजें खींचें-उठाएं नहीं।
इन स्थितियों में जरा भी समय न गंवाएं :
- जब मलमूत्र त्यागने पर नियत्रंण छूटे 
- जब गुदा क्षेत्र सुन्न पड़ जाए  
- पैर में कमजोरी और चलने में कठिनाई  
- जब दर्द नीचे टांग में पहुंच रहा हो और टांग सुन्न हो रही हो या उसमें सुइयां चुभती हुई लगें, 
- जब ऊंचाई से गिरने के बाद दर्द उठा हो  
- जब पीठ पर थपकी देने से दर्द उठे

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