DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कोई भी ताकत जमीन का मालिकाना हक नहीं छीन सकती: मोदी

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोई भी ताकत जमीन मालिकों को उनके मालिकाना हक से वंचित नहीं कर सकती। किसान क्रेडिट कार्ड का भूमि सुधार या बंधोपाध्याय कमीशन से कोई संबंध नहीं है। राज्य सरकार के सपने में भी यह बात नहीं है कि जो बटाई करेगा वहीं जमीन का मालिक हो जाएगा। ऐसा कोई कानून भी अब तक नहीं बना है। किसान क्रेडिट कार्ड से उपज भ्रम का निवारण करते हुए संवाददाता सम्मेलन में श्री मोदी ने लालू प्रसाद और रामविलास पासवान पर आरोप लगाया कि वे लोगों के बीच भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे में भ्रमित होने की जरुरत नहीं है।

अपनी पार्टी के विधायकों के आरोप पर टिप्पणी करने से इंकार करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वर्ष 1967 में सूबे में पहली गैर कांग्रेसी सरकार में कम्युनिष्ट और जनसंघ दोनों शामिल थे। तब जमीन मालिकों के पक्ष में बात करने के कारण कैबिनेट की बैठक में जनसंघ के विधायक को कम्युनिष्ट विधायकों से मारपीट की नौबत आ गई थी। भाजपा शुरू से ही जमीन मालिकों के पक्ष में खड़ी रही है। वैसे भी इस राज्य में 10 हेक्टेयर से अधिक जमीन वालों की संख्या मात्र 0.1 फीसदी है। प्रदेश में 92.5 फीसदी लघु और सीमांत किसान है जिनके जोतों का आकार मात्र एक से दो हेक्टेयर है।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के संबंध में उन्होंने कहा कि बटाईदारों को भी 50 हजार रुपए तक ऋण लेने के लिए जमीन के स्वामित्व का प्रमाण पत्र की जरुरत नहीं है। यह गाइडलाइन राज्य सरकार का नहीं है बल्कि रिजर्व बैंक  और नाबार्ड का है। कई वर्षो से इस गाइडलाइन पर केसीसी बांटे जा रहे हैं।

अलग-अलग बैंकों की केसीसी देने के लिए अलग-अलग शर्त्ते हैं। कोई किसान क्लब तो कोई ज्वायंट लैबलिटी ग्रुप बनाकर ऋण देता है। अब तक सूबे के 35 लाख किसानों को केसीसी दिया गया है। इस वर्ष 15 लाख केसीसी बांटने का लक्ष्य है जिसमें 8 लाख बांटे जा चुके हैं। मेगा शिविर लगाकर फिर बांटा जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:जमीन का मालिकाना हक मालिको के पास ही रहेगा