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जबलपुर में चार आतंकी गिरफ्तार, रिमांड पर

जबलपुर में चार आतंकी गिरफ्तार, रिमांड पर

मध्यप्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) एवं स्थानीय पुलिस ने चारखंबा इलाके में दबिश देकर मंगलवार रात चार संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। इन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक एमआर कृष्णा, उप पुलिस महानिरीक्षक वी मधुकमार एवं एटीएस के उप पुलिस महानिरीक्षक पवन श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि ये चारों प्रतिबंधित स्टूडेंट इस्लामिक मूवेमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पदाधिकारी एवं सक्रिय कार्यकर्ता हैं और इनका आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से भी संबंध हैं।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार संदिग्ध आतंकवादियों में इमामुर्रहमान नविसी गुलशननगर खण्डवा सिमी का प्रदेश सचवि शामिल है तथा उसके इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादियों से संबंध हैं। पुलिस को ऐसे सबूत मिले हैं कि इन सभी का जयपुर में 13 मई 2008 को हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट में भी हाथ था।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए शेष तीन संदिग्ध आतंकवादियों के नाम खंडवा निवासी अहमद और जबलपुर निवासी आजाद उर्फ आजम एवं शेख अफरोज शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने पिछले कई दिनों से ऑपरेशन फंदा चलाया हुआ था और मंगलवार रात मदार टेकरी कब्रिस्तान के निकट उस समय गिरफ्तार किया, जब ये वहां किसी योजना पर काम करने के लिए एकत्रित हुए थे।

कृष्णा ने बताया कि इमामुर्रहमान के खिलाफ खंडवा पुलिस ने वर्ष 2006 में गैर कानूनी गतिविधियों में संलग्न रहने का प्रकरण दर्ज किया था। वहीं जयपुर में सिलसिलेवार बम विस्फोट से एक माह पहले राजस्थान पुलिस की विशेष स्थापना (एसओजी) ने एक आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था।

उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित सिमी की ओर से इन आरोपियों को जेल में बंद साथियों की रिहाई के लिए धन एकत्रित करने और फरार साथियों का पता लगाकर उन्हें एक बार फिर संगठित करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी।

एक प्रश्न के उत्तर में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इमामुर्रहमान को प्रदेश के विन्ध्य, महाकौशल एवं पड़ोसी छत्तीसगढ़ राज्य से धन एकत्रित करने तथा गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्यों में संगठन को खड़े करने की जिम्मेदारी थी।

कृष्णा ने बताया कि इनके आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के कयामुद्दीन कपाड़िया एवं सिमी के खजांची मोहम्मद अली एवं करेली (नरसिंहपुर) निवासी इरफान से भी निकटवर्ती संबंध उजागर हुए हैं। इनके कब्जे से जेहादी सीडी, आपत्तिजनक अलगाववादी साहित्य एवं 28,500 रुपये बरामद किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने इन चारों संदिग्ध आतंकवादियों को जबलपुर के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (सीजेएम) शरदचंद्र सक्सेना की अदालत में पेश किया, जहां अभियोजन के आवेदन पर इन्हें 13 नवंबर तक के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया है।

बचाव पक्ष के वकील नईम खान ने बताया कि सीजेएम अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह इन्हें शारीरिक प्रताड़ना नहीं दे तथा रिमांड पर लेते वक्त और अवधि बीतने के बाद अदालत में पेश करने से पहले मेडिकल परीक्षण कराए।

उन्होंने कहा कि सीजेएम अदालत को इन चारों युवकों ने बताया कि पुलिस ने यूं तो गत 30 अक्तूबर को उन्हें हिरासत में लिया था, लेकिन बुधवार को उनकी गिरफ्तारी प्रदर्शित की गई है। खान ने कहा कि पुलिस ने इन पर मई 2008 में जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट में शामिल होने का भी शक जताया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अदालत में यह भी दावा किया है कि ये चारों सिमी के लिए धन जुटाने का इंतजाम करते हैं।

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